रेहान फज़ल 

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अरावली पर्वतमाला को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अरावली को संरक्षित करने के बजाय उसे खनन और निजी हितों के लिए खोलने की योजना बना रही है। गहलोत के मुताबिक, पर्यावरण संरक्षण के नाम पर ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका असली उद्देश्य अरावली और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

अरावली पर्वतमाला दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक मानी जाती है, जो राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक फैली हुई है। यह क्षेत्र भूजल संरक्षण, मरुस्थलीकरण रोकने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अरावली को नुकसान पहुंचने से जल संकट, गर्मी और प्रदूषण जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

गहलोत ने कहा कि अरावली से जुड़े फैसलों को अन्य बड़े नीतिगत निर्णयों के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि संसाधनों का व्यावसायिक दोहन है।