भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत पर खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हीटवेव के दौरान लापरवाही भारी पड़ सकती है, क्योंकि बच्चे जल्दी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेज धूप में खेलने या ज्यादा देर बाहर रहने से बच्चों में तेज बुखार, चक्कर, उल्टी और बेहोशी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं, और अस्पतालों में ऐसे मामलों की संख्या भी बढ़ रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को खासतौर पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर नहीं भेजना चाहिए, क्योंकि यही समय सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। इस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा होता है। बच्चों को हल्के कपड़े पहनाना, सिर ढककर रखना और बार-बार पानी, ORS या नींबू पानी पिलाना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को प्यास लगने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि समय-समय पर उन्हें पानी पिलाते रहना चाहिए। साथ ही, अगर बच्चा कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द या उल्टी की शिकायत करे तो तुरंत ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये हीट से जुड़ी बीमारी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
घर में भी ठंडा माहौल बनाए रखना जरूरी है। पंखा, कूलर या AC का इस्तेमाल करें, खिड़कियों पर पर्दे लगाकर धूप रोकें और बच्चों को ज्यादा से ज्यादा इनडोर गतिविधियों में व्यस्त रखें। एक्सपर्ट्स का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से हीटवेव के दौरान बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
