नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक बार फिर एक नया जनअभियान तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बाद अब E20 जनता पार्टी नाम से एक नया अभियान सामने आया है, जिसने कुछ ही घंटों में बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। यह अभियान पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण (E20) को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताओं को सामने रख रहा है और शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध कराने सहित ईंधन के विकल्प चुनने की मांग कर रहा है। सोशल मीडिया मंच एक्स और इंस्टाग्राम पर इस नए अभियान के समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
CJP के बाद सोशल मीडिया पर सामने आया नया अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में आंदोलन हुआ था। जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय तक चले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया और उनकी जगह प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
सीजेपी का आंदोलन समाप्त होने के बाद अब सोशल मीडिया पर एक नया अभियान E20 जनता पार्टी के नाम से शुरू हुआ है, जो पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के विरोध को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहा है।
कुछ ही घंटों में तेजी से बढ़े समर्थक
E20 जनता पार्टी ने एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान शुरू होने के कुछ ही घंटों में एक्स पर इसके 22 हजार से अधिक और इंस्टाग्राम पर 30 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए। समर्थकों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण यह अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में बना हुआ है।
'हमारी कारों पर प्रयोग बंद करो'
E20 जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि "हमारी कारों पर प्रयोग करना बंद करो। भारत को ईंधन चुनने का अधिकार चाहिए। हमारी गाड़ियां किसी परीक्षण की मशीन नहीं हैं। हमने उन्हें अपनी मेहनत की कमाई और टैक्स चुकाकर खरीदा है।"
पोस्ट में आगे कहा गया कि भारत एक मध्यम वर्गीय देश है, जहां ईंधन की दक्षता और वाहन का प्रदर्शन सीधे लोगों के दैनिक खर्च को प्रभावित करता है। ऐसे में वाहन निर्माता कंपनियों की सिफारिशों से अलग इंजन पर प्रयोग किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
ई20 जनता पार्टी की तीन प्रमुख मांगें
इस अभियान के माध्यम से पेट्रोल और ईंधन नीति को लेकर तीन प्रमुख मांगें सामने रखी गई हैं।
पहली मांग यह है कि वाहन निर्माता की सलाह के अनुरूप ही उपयुक्त ईंधन उपलब्ध कराया जाए।
दूसरी मांग यह है कि आम उपभोक्ताओं के वाहनों पर किसी प्रकार का जबरन प्रयोग न किया जाए।
तीसरी मांग यह है कि उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता और भरोसे के अनुसार ईंधन चुनने की स्वतंत्रता दी जाए तथा उन्हें वही ईंधन उपलब्ध कराया जाए जिसके लिए वे भुगतान करते हैं।
सोशल मीडिया पर लगातार जारी है बहस
E20 जनता पार्टी के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर बहस तेज हो गई है। समर्थक इसे उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि विभिन्न उपयोगकर्ता इस विषय पर अपने-अपने विचार साझा कर रहे हैं। अभियान से जुड़े पोस्ट तेजी से साझा किए जा रहे हैं, जिससे इसकी पहुंच लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
कैसे शुरू हुई थी कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत उस समय हुई थी, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की एक सुनवाई के दौरान की गई कॉकरोच संबंधी टिप्पणी चर्चा में आई थी। इसके बाद बॉस्टन में रह रहे अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर CJP की शुरुआत की।
बाद में इस अभियान को एक्स और इंस्टाग्राम पर व्यापक समर्थन मिला और फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। भारत लौटने के बाद अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक के विरोध में आंदोलन का आह्वान किया। शुरुआत में विभिन्न शहरों में प्रदर्शन हुए और बाद में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक आंदोलन चला। संसद चलो मार्च में भी बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सोशल मीडिया अभियानों का बढ़ता प्रभाव
हाल के समय में सोशल मीडिया आधारित अभियानों का प्रभाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। CJP के बाद E20 जनता पार्टी का तेजी से चर्चा में आना यह दर्शाता है कि विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर डिजिटल मंचों के माध्यम से लोग अपनी राय और मांगों को संगठित रूप से सामने रख रहे हैं। आने वाले समय में यह अभियान किस दिशा में आगे बढ़ता है और इससे जुड़े मुद्दों पर क्या निर्णय होते हैं, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी।
