‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने कृति सेनन से जुड़े रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सुनील लहरी ने विवादित विज्ञापन के बहिष्कार की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि उनसे लोगों की भावनाएं, रिश्ते, संस्कार और संस्कृति जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी का सम्मान करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद पर सुनील लहरी ने रखी अपनी बात
टेलीविजन के चर्चित धार्मिक धारावाहिक ‘रामायण’ में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले सुनील लहरी सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। वह समय-समय पर सामाजिक और महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी राय साझा करते हैं। अब उन्होंने रक्षाबंधन के लिए तैयार किए गए एक आभूषण ब्रैंड के विज्ञापन को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। इस विज्ञापन में कृति सेनन नजर आई थीं और उनके पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई थी।
सुनील लहरी ने अपने वीडियो में विज्ञापन के विरोध और उसके बहिष्कार की बात करते हुए इसे एकजुट होकर उठाई गई आवाज बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों ने इस विज्ञापन का बहिष्कार किया, वह सराहनीय है। उनके बयान के बाद रक्षाबंधन, भारतीय संस्कृति और त्योहारों के साथ जुड़े सामाजिक मूल्यों को लेकर उनकी टिप्पणी चर्चा में आ गई है।
‘हमारे त्योहारों के साथ भावनाएं और संस्कार जुड़े हैं’
सुनील लहरी ने अपने वीडियो में कहा, ‘हमारे त्योहार, पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहे कह लें, इनके साथ में हमारी भावनाएं, हमारे रिश्ते, हमारे संस्कार, हमारी संस्कृति जुड़े हुए हैं। इन सबका सम्मान करना हम सबकी जिम्मेदारी है।’
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में रक्षाबंधन से जुड़े एक विज्ञापन का जिस तरह से एकजुट होकर बहिष्कार किया गया, वह प्रशंसा के योग्य है। सुनील लहरी ने इस बहिष्कार के तरीके की सराहना करते हुए कहा, ‘जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को, एकजुट होकर जिस हिसाब से बहिष्कार किया गया उसकी मैं बहुत-बहुत सराहना और सम्मान करता हूं।’
‘असली मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है’
सुनील लहरी ने अपने संदेश में रक्षाबंधन के पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। इसके साथ ही उन्होंने पुरुषों की जिम्मेदारी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘रक्षा के इस पावन पर्व की आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हम सब मर्दों की असली मर्दानगी, नारी की रक्षा करने में है। हम सबको इनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वे सम्मानीय हैं, पूजनीय हैं।’
उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर सामने आए उस विवाद के संदर्भ में है, जिसमें रक्षाबंधन के लिए तैयार किए गए विज्ञापन के दृश्य और कृति सेनन के पहनावे को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई थी। सुनील लहरी ने अपने बयान में सीधे तौर पर किसी व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी करने के बजाय त्योहारों से जुड़े सम्मान, संस्कृति और महिलाओं की गरिमा पर जोर दिया।
विज्ञापन में कृति सेनन को लेकर हुआ था विवाद
रक्षाबंधन के अवसर के लिए एक आभूषण ब्रैंड ने विशेष विज्ञापन तैयार किया था। इसमें अभिनेत्री कृति सेनन नजर आई थीं। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके पहनावे को लेकर आलोचना शुरू हो गई। कई लोगों ने रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व से जुड़े विज्ञापन में इस तरह की प्रस्तुति पर सवाल उठाए।
विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन ने ट्रोल करने वालों को जवाब भी दिया था। उन्होंने कहा था कि किसी भी त्योहार की असली खूबसूरती कपड़ों में नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं और रिश्तों में होती है। कृति की इस प्रतिक्रिया के बावजूद विज्ञापन को लेकर चर्चा जारी रही।
विवाद के बाद ब्रैंड ने सभी मंचों से हटाया विज्ञापन
विवाद बढ़ने के एक दिन बाद संबंधित आभूषण ब्रैंड ने अपना विज्ञापन सभी मंचों से हटाने का फैसला किया। ब्रैंड की ओर से बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया गया। बयान में भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
ब्रैंड ने अपने बयान में कहा, ‘हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सम्मान करते हैं। एक ब्रांड के तौर पर हमारा हमेशा से मानना रहा है कि इन खुशियों भरे पलों को पूरे परिवार के साथ सेलिब्रेट किया जाए। इस बार हम इस प्यार और जश्न में अपने पालतू जानवरों को भी शामिल करना चाहते थे लेकिन अगर विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसके लिए हमें खेद है। हमने विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने का फैसला किया है।’
ब्रैंड ने जताया खेद, विज्ञापन हटाने की जानकारी दी
ब्रैंड ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य खुशियों के इन पलों को परिवार के साथ मनाने का था और इस बार वह अपने पालतू जानवरों को भी इस उत्सव का हिस्सा बनाना चाहता था। हालांकि, विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं आहत होने की स्थिति में ब्रैंड ने खेद जताया और इसे सभी मीडिया मंचों से हटाने का निर्णय लिया।
इस पूरे विवाद के बीच सुनील लहरी का बयान सामने आया है। उन्होंने रक्षाबंधन के सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि त्योहारों से जुड़े मूल्यों का सम्मान करना जरूरी है। उनका संदेश विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर था।
सुनील लहरी के बयान में क्या रहा खास?
सुनील लहरी ने अपने संदेश में तीन प्रमुख बातों पर जोर दिया। पहली, उन्होंने भारतीय त्योहारों को भावनाओं, रिश्तों, संस्कारों और संस्कृति से जोड़कर देखा। दूसरी, उन्होंने रक्षाबंधन विज्ञापन के बहिष्कार की सराहना की। तीसरी और सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने पुरुषों से महिलाओं के प्रति रक्षक की भूमिका निभाने की अपील की।
उनका यह संदेश रक्षाबंधन के मूल भाव से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें रक्षा, स्नेह और रिश्ते की भावना प्रमुख मानी जाती है। सुनील लहरी ने इसी संदर्भ में कहा कि पुरुषों की ‘असली मर्दानगी’ महिलाओं की रक्षा करने में है, न कि उन्हें नुकसान पहुंचाने में।
कृति सेनन की प्रतिक्रिया भी रही चर्चा में
विज्ञापन को लेकर आलोचना के बाद कृति सेनन की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। उन्होंने कहा था कि किसी त्योहार की असली खूबसूरती कपड़ों में नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावनाओं और रिश्तों में होती है। इसके बाद भी विज्ञापन को लेकर विवाद थमा नहीं और अंततः ब्रैंड ने इसे सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर विज्ञापनों में त्योहारों की प्रस्तुति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक भावनाओं के बीच संतुलन को लेकर चर्चा को जन्म दिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार ब्रैंड ने विज्ञापन हटाने के साथ ही उन लोगों से खेद जताया, जिनकी भावनाएं इससे आहत हुईं।
रक्षाबंधन पर सुनील लहरी का संदेश
सुनील लहरी ने अपने वीडियो के अंत में रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि महिलाओं के प्रति पुरुषों का रवैया सम्मान और सुरक्षा वाला होना चाहिए। उन्होंने ‘रक्षक’ और ‘भक्षक’ शब्दों के माध्यम से अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखी।
रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद के बीच आया उनका यह बयान अब चर्चा का विषय बना हुआ है। विज्ञापन को लेकर विवाद, कृति सेनन की प्रतिक्रिया, ब्रैंड की ओर से खेद और विज्ञापन हटाने के फैसले के बाद सुनील लहरी की टिप्पणी ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
