पटना। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों के संचालन को लेकर बड़ा फैसला लागू कर दिया है। अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को हाफ डे रहेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। नई व्यवस्था के तहत इस शनिवार यानी 8 अगस्त से सभी सरकारी स्कूल शनिवार को आधे दिन ही संचालित होंगे। वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले की प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि पहले चरण में 73,151 शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है।
8 अगस्त से लागू होगी नई व्यवस्था
शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शनिवार को स्कूलों का संचालन सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक ही होगा। यह व्यवस्था पूरे बिहार के सरकारी स्कूलों में लागू रहेगी। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य पहले से लागू व्यवस्था को फिर से प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शनिवार को हाफ डे करने की घोषणा के बाद शिक्षा विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और विद्यालयों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
सोमवार से शुक्रवार तक नहीं बदलेगा स्कूल का समय
नई समय-सारिणी के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक स्कूलों का संचालन पहले की तरह सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा। केवल शनिवार को विद्यालय आधे दिन तक ही खुलेंगे।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शनिवार को विद्यालयों की पढ़ाई निर्धारित समय तक ही चलेगी और उसके बाद विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी जाएगी।
कक्षा 1 से 8 और 9 से 12 के लिए अलग-अलग छुट्टी का समय
शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को मध्याह्न भोजन के बाद दोपहर 12:40 बजे छुट्टी दे दी जाएगी। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की छुट्टी दोपहर 1:00 बजे होगी।
इस प्रकार शनिवार को विद्यालयों में शिक्षण कार्य सीमित समय तक ही संचालित किया जाएगा। विभाग ने सभी स्कूलों को नई व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पुरानी व्यवस्था फिर से हुई लागू
बिहार में पहले भी शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था लागू थी। बाद में इसे समाप्त कर दिया गया था। अब राज्य सरकार ने इसे दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों के संचालन की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी।
शिक्षक तबादले को लेकर बड़ा अपडेट
पटना के मदन मोहन सभागार में मीडिया से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले की प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में लगभग 1.06 लाख शिक्षक सरप्लस श्रेणी में हैं। यानी कई विद्यालयों में स्वीकृत पदों या विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में आवश्यकता से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं।
मंत्री ने बताया कि पहले चरण में केवल सरप्लस शिक्षकों से ऐच्छिक तबादले के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें 73,151 शिक्षकों ने आवेदन किया है।
31 अक्टूबर तक पूरी होगी ट्रांसफर प्रक्रिया
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों के च्वॉइस ट्रांसफर की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। फिलहाल सरप्लस शिक्षकों के आवेदन लिए गए हैं, जबकि आगे सामान्य शिक्षकों को भी आवेदन का अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभाग चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया को पूरा करेगा ताकि शिक्षकों की तैनाती आवश्यकता के अनुसार की जा सके।
17 सितंबर से सामान्य शिक्षकों के लिए खुलेगा पोर्टल
शिक्षा मंत्री के अनुसार, 17 सितंबर से सामान्य शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल खोला जाएगा। इस चरण में सामान्य शिक्षक आवेदन कर सकेंगे। साथ ही ऐसे सरप्लस शिक्षक, जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य सभी पात्र शिक्षकों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तबादले का अवसर उपलब्ध कराना है।
तीन चरणों में पूरी होगी तबादला प्रक्रिया
शिक्षा विभाग पहले ही शिक्षकों के ऐच्छिक तबादले की नियमावली और विस्तृत कार्यक्रम जारी कर चुका है। इसके तहत पहले सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा, फिर म्युचुअल ट्रांसफर और उसके बाद सामान्य तबादले की प्रक्रिया पूरी होगी।
विभाग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 सितंबर तक समायोजन के तहत सरप्लस शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद 10 से 14 सितंबर के बीच म्युचुअल ट्रांसफर की सूची जारी होगी। वहीं, 17 से 23 सितंबर तक सामान्य शिक्षक तबादले के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग ने पहले ही शुरू कर दी थी प्रक्रिया
शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया 29 जुलाई से शुरू हो चुकी है। विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित की जाएगी, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित हो सके।
