erer | Source: ereनई दिल्ली। भारत में डिजिटल संपर्क व्यवस्था ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय गति से विस्तार किया है। देश में 5G नेटवर्क का दायरा अब इतना बढ़ चुका है कि 99.9 प्रतिशत जिले हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा से जुड़ चुके हैं। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 तक देश में 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) की संख्या बढ़कर 5,62,971 हो गई है। इसके साथ ही डिजिटल भारत से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के तहत दूर-दराज के गांवों तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए जून 2026 तक लगभग 24 हजार नए 4G मोबाइल टावर भी स्थापित किए जा चुके हैं।

तीन साल में कई गुना बढ़ा 5G नेटवर्क

आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2023 तक देश में 5G बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (BTS) की संख्या 1,40,623 थी। लगभग तीन वर्षों के भीतर यह संख्या बढ़कर 30 जून 2026 तक 5,62,971 पहुंच गई। इस विस्तार के साथ भारत के लगभग सभी जिलों में 5G सेवा उपलब्ध हो चुकी है। सरकार का कहना है कि तेज गति वाले इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार से डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और उद्योगों को नई गति मिली है।

99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंची हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

सरकार के अनुसार, देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में अब 5G नेटवर्क उपलब्ध है। इससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अनेक अन्य क्षेत्रों में भी उच्च गति इंटरनेट का उपयोग संभव हो गया है। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए दूरसंचार अवसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक आधुनिक नेटवर्क सुविधाएं पहुंच सकें।

गांवों तक पहुंचा 4G, लगे 24 हजार नए मोबाइल टावर

डिजिटल भारत कार्यक्रम और मोबाइल कनेक्टिविटी से जुड़ी अन्य सरकारी पहलों के तहत जून 2026 तक देशभर में लगभग 24,000 नए 4G मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं। इन टावरों का उद्देश्य उन गांवों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना है, जहां पहले 4G सेवा उपलब्ध नहीं थी। इस पहल से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं का लाभ मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

टेलीकॉम अनुसंधान में 136 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

दूरसंचार क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Telecom Technology Development Fund (TTDF) योजना के तहत 30 जून 2026 तक 136 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं में 6G तकनीक, क्वांटम संचार, सैटेलाइट एवं नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क, ऑप्टिकल सिस्टम, स्वदेशी 5G कोर और दूरसंचार सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कार्य किया जा रहा है।

भारत 6G विजन पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है देश

सरकार ने मार्च 2023 में भारत 6G विजन दस्तावेज जारी किया था। इस दस्तावेज में 6G तकनीक के डिजाइन, विकास और कार्यान्वयन के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य देश में सुरक्षित, बुद्धिमान और व्यापक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना तथा भारत को अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाना है।

घरेलू टेलीकॉम निर्माण को भी मिल रहा बढ़ावा

दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम एवं नेटवर्किंग उत्पादों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए ₹121.95 अरब की Production Linked Incentive (PLI) योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अतिरिक्त निवेश और उत्पादन बढ़ाने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य दूरसंचार उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करना और घरेलू विनिर्माण क्षमता का विस्तार करना है।

डिजिटल और आर्थिक विकास को मिल रही नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में 5G नेटवर्क के तेजी से विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक 4G सेवाओं के पहुंचने से डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। बेहतर इंटरनेट सुविधा से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को नई गति मिल सकती है। साथ ही आधुनिक दूरसंचार अवसंरचना देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

नेटवर्क विस्तार के साथ सुरक्षा भी महत्वपूर्ण

तेजी से बढ़ते डिजिटल नेटवर्क के बीच साइबर सुरक्षा और नेटवर्क की विश्वसनीयता भी महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं। आधुनिक संचार व्यवस्था का लाभ प्रत्येक नागरिक तक सुरक्षित और प्रभावी रूप से पहुंचे, इसके लिए तकनीकी सुरक्षा और मजबूत दूरसंचार प्रणाली पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।