महाराष्ट्र के नासिक से अंधविश्वास और ढोंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां खुद को तांत्रिक बताने वाले एक कथित बाबा पर लोगों को “दैवीय दोष” और “मृत्युयोग” का डर दिखाकर लाखों रुपये ठगने और उनकी जमीन हड़पने का आरोप लगा है। आरोपी कमलेश शिवकुमार अधिकारी अपनी पत्नी के साथ मिलकर कथित तौर पर लंबे समय से लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसा रहा था।
दैवीय दोष और मौत का भय दिखाकर ऐंठे लाखों रुपये
नासिक के इंदिरा नगर पुलिस स्टेशन में कमलेश शिवकुमार अधिकारी और उसकी पत्नी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों अघोरी पूजा, तांत्रिक क्रियाओं और अंधविश्वास के नाम पर लोगों का मानसिक और आर्थिक शोषण करते थे।
पीड़ितों के मुताबिक, बाबा लोगों को यह कहकर डराता था कि उन पर “दैवीय दोष” और “मृत्युयोग” मंडरा रहा है। कथित संकट को टालने और जान बचाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूले जाते थे। सोलापुर के रहने वाले दो भाई भी इस कथित तंत्र-मंत्र के जाल में फंस गए और बाबा के झांसे में आकर भारी रकम गंवा बैठे।
उज्जैन के श्मशान में कराई अघोरी पूजा और पशु बलि
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी बाबा उन्हें उज्जैन के एक श्मशान घाट में ले गया, जहां अघोरी पूजा और तांत्रिक अनुष्ठानों के नाम पर पशुओं की बलि दी गई। बताया गया कि पूजा के दौरान भय का ऐसा माहौल बनाया जाता था कि लोग डर के कारण उसकी हर बात मानने को मजबूर हो जाते थे।
आरोप यह भी है कि पूजा के बाद बाबा लोगों को “प्रसाद” के रूप में शराब पिलाता था। श्मशान में होने वाली इन गतिविधियों से लोग मानसिक रूप से बुरी तरह डर जाते थे और फिर बाबा की मांग के अनुसार पैसे देने लगते थे। पुलिस को आशंका है कि कमलेश अधिकारी अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
मठ बनाने के नाम पर हड़प ली दो एकड़ जमीन
कमलेश अधिकारी पर सिर्फ पैसे ठगने का ही नहीं, बल्कि जमीन कब्जाने का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार, उसने “मठ” बनाने के नाम पर पीड़ितों को भरोसे में लिया और उनकी करीब दो एकड़ जमीन धोखे से अपने और अपनी पत्नी के नाम करवा ली।
जब पीड़ितों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी, तो जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
अंधविश्वास विरोधी कानून के तहत केस दर्ज
इस कथित ढोंगी बाबा का भंडाफोड़ तब हुआ, जब पीड़ितों ने “अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति” से संपर्क किया। समिति की शिकायत और प्रयासों के बाद इंदिरा नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपति के खिलाफ जादू-टोना विरोधी कानून, अंधविश्वास एवं काला जादू विरोधी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
