ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया की राजनीति लगातार बदल रही है और ईरान को लेकर बातचीत, रणनीति और सुरक्षा चर्चाएं तेज हैं, उसी बीच इजरायल से एक खबर ने अचानक सबका ध्यान खींच लिया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को यरुशलम के हदासा ऐन केरेम मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया। खबर सामने आते ही अटकलें शुरू हो गईं, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से नेतन्याहू की सेहत सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने जल्द ही सफाई दी कि उन्हें किसी गंभीर आपात स्थिति में नहीं, बल्कि दांत से जुड़े इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है !प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक नेतन्याहू की हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। हालांकि इलाज किस तरह का था और प्रक्रिया कितनी गंभीर थी, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। लेकिन यह खबर इसलिए भी तेजी से फैली क्योंकि हाल के महीनों में नेतन्याहू की सेहत को लेकर कई चर्चाएं पहले से चल रही थीं।


पिछले कुछ महीनों से नेतन्याहू की सेहत लगातार चर्चा में रही है

76 वर्षीय नेतन्याहू की स्वास्थ्य स्थिति पिछले कुछ वर्षों में कई बार सुर्खियां बन चुकी है। हाल ही में उन्होंने एक सार्वजनिक बयान में बताया था कि उनके प्रोस्टेट में शुरुआती चरण का कैंसरयुक्त ट्यूमर मिला था, जिसका इलाज रेडिएशन थेरेपी से किया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि उस समय ईरान से जुड़े तनावपूर्ण हालात के कारण उन्होंने यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। उनका तर्क था कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य संबंधी संवेदनशील जानकारी विरोधी पक्ष के लिए प्रचार का विषय बन सकती थी। नेतन्याहू ने बाद में अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी सार्वजनिक की और दावा किया कि उनका स्वास्थ्य सामान्य है। उन्होंने एक अदालत में भी कहा था कि उनकी स्थिति “उचित और उत्कृष्ट” है।


पेसमेकर से लेकर सर्जरी तक, कई बार अस्पताल जा चुके हैं नेतन्याहू

यह पहली बार नहीं है जब नेतन्याहू अस्पताल पहुंचे हों। जुलाई 2023 में उनके शरीर में पेसमेकर लगाया गया था। बाद में उनकी हर्निया सर्जरी भी हुई। प्रोस्टेट से जुड़ी चिकित्सा प्रक्रिया और उससे पहले स्वास्थ्य जांच को लेकर भी वे अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। एक बार उन्हें डिहाइड्रेशन की शिकायत के बाद निगरानी में रखा गया था, हालांकि बाद में डॉक्टरों ने स्थिति सामान्य बताई थी। इन लगातार चिकित्सा प्रक्रियाओं की वजह से इजरायल में विपक्ष और मीडिया का एक हिस्सा समय-समय पर सरकार से अधिक पारदर्शिता की मांग भी करता रहा है। स्वास्थ्य से जुड़े अपडेट वहां राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन जाते हैं।


अस्पताल की खबर इसलिए भी बड़ी बनी, क्योंकि समय बेहद संवेदनशील है

नेतन्याहू ऐसे समय अस्पताल पहुंचे हैं जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा और कूटनीतिक स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। ईरान से जुड़े मुद्दे, क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय बातचीत पर दुनिया की नजर है। ऐसे में इजरायल के प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य खबर ने स्वाभाविक रूप से ध्यान खींचा।फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ किया है कि घबराने जैसी कोई बात नहीं है और इलाज नियमित चिकित्सा प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों का स्वास्थ्य रिकॉर्ड देखकर यह भी साफ है कि नेतन्याहू की सेहत अब केवल निजी विषय नहीं रह गई है; यह इजरायल की राजनीति, नेतृत्व और रणनीतिक चर्चाओं से भी जुड़ा मुद्दा बन चुकी है।