
बॉलीवुड गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। फिल्म 'डॉन 3' को लेकर सुपरस्टार रणवीर सिंह और मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर फरहान अख्तर के बीच का विवाद अब सिर्फ दो लोगों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि इसमें पूरी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी वर्क फेडरेशन FWICE भी कूद पड़ी है।
फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' (असहयोग का आदेश यानि एक तरह का बैन) जारी कर दिया है। आइए बिल्कुल आसान भाषा में पूरी रिसर्च के साथ समझते हैं कि आखिर यह पूरा मामला क्या है, विवाद की असली वजह क्या थी और इसका लॉन्ग-टर्म असर क्या होने वाला है।
साल 2023 में जब फरहान अख्तर ने शाहरुख खान की जगह रणवीर सिंह को नया 'डॉन' घोषित किया था, तब सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ था। कुछ लोग रणवीर के सपोर्ट में थे, तो कुछ शाहरुख को ही डॉन के रूप में देखना चाहते थे। लेकिन असली खेल दिसंबर 2025 में शुरू हुआ।
रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर' बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसके तुरंत बाद, जब 'डॉन 3' की शूटिंग शुरू होने ही वाली थी (जनवरी 2026 में), रणवीर सिंह ने अचानक इस प्रोजेक्ट से अपने पैर पीछे खींच लिए।
रणवीर सिंह ने 'डॉन 3' क्यों छोड़ी?
अंदरूनी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके पीछे दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं:
रणवीर सिंह फिल्म की स्क्रिप्ट और स्क्रीनप्ले में कुछ बदलाव चाहते थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म में बहुत ज्यादा गाली-गलौज, हिंसा और खून-खराबा था, जिसे लेकर रणवीर पूरी तरह सहज नहीं थे। वह चाहते थे कि इसमें बदलाव हो, लेकिन मेकर्स इसके लिए तैयार नहीं थे।
प्रोडक्शन में देरी और दूसरी कास्टिंग:
रणवीर का मानना था कि उनके करियर के एक मुश्किल दौर के समय फरहान अख्तर ने 'डॉन 3' को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। साथ ही, कुछ ऐसी अफवाहें भी उड़ीं कि रणवीर के प्रोजेक्ट में रहते हुए भी एक्सेल एंटरटेनमेंट दूसरे एक्टर्स के साथ भी बातचीत कर रही थी, जिससे रणवीर नाराज हो गए।
फरहान अख्तर की नाराजगी और ₹45 करोड़ का हर्जाना
फरहान अख्तर और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी ने रणवीर के इस अचानक एग्जिट को हल्के में नहीं लिया।
मेकर्स का पक्ष: एक्सेल एंटरटेनमेंट का कहना है कि रणवीर सिंह ने बकायदा 3 फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। फिल्म की पूरी रेकी , स्क्रिप्ट डिस्कशन और प्रोमो की शूटिंग तक रणवीर के साथ हो चुकी थी। शूटिंग पर जाने से महज 3 हफ्ते पहले रणवीर ने फिल्म छोड़ दी, जिससे मेकर्स को प्री-प्रोडक्शन में लगभग ₹40 से ₹45 करोड़ का भारी नुकसान हुआ।
मामला पहले प्रोड्यूसर्स गिल्ड के पास गया, जहां रणवीर ने अपनी ₹10 करोड़ की साइनिंग अमाउंट वापस करने और अपनी अगली फिल्म 'प्रलय' में हिस्सेदारी देने की पेशकश की थी, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद फरहान ने FWICE का दरवाजा खटखटाया।
FWICE का एक्शन और रणवीर सिंह पर 'बैन'
FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित के मुताबिक, रणवीर सिंह को इस मामले को सुलझाने के लिए तीन बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन वह मीटिंग में शामिल नहीं हुए।
नतीजतन, 25 मई 2026 को फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'असहयोग' का फरमान सुना दिया। इसका मतलब यह है कि फेडरेशन से जुड़े 5,000 से ज्यादा मेंबर्स और 32 क्राफ्ट यूनियन्स (जैसे टेक्निशियन्स, स्पॉट बॉय, कैमरामैन) अब रणवीर सिंह के साथ उनकी फिल्मों या विज्ञापनों (Ads) में काम नहीं करेंगे, जब तक कि यह मामला सुलझ नहीं जाता।
रणवीर सिंह का आधिकारिक बयान
इस पूरे विवाद और बैन पर रणवीर सिंह की टीम ने एक गरिमापूर्ण बयान जारी कर कहा है:
"रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और डॉन फ्रेंचाइजी से जुड़े हर व्यक्ति का दिल से सम्मान करते हैं। इस पूरे विवाद के दौरान उन्होंने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी, क्योंकि उनका मानना है कि प्रोफेशनल बातें और व्यक्तिगत रिश्ते शालीनता, मैच्योरिटी और आपसी सम्मान के साथ ही सुलझाए जाने चाहिए। उनका पूरा ध्यान अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है और वह इस फ्रेंचाइजी की सफलता की कामना करते हैं।"
