नवीदुल हसन

शहर में 28 हजार लोगों को जल्द मिलेगा आवास पत्र, झुग्गीवासियों के लिए बनेंगे G+5 इंदिरम्मा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स

राज्य सरकार ने शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना को तेज करने का फैसला किया है। मंत्री ने तीनों नगर निगमों के आयुक्तों और चार जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे मिलकर उपयुक्त जमीन की पहचान करें और 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट जमा करें। इस रिपोर्ट में यह बताया जाए कि कितने मकान बनाए जा सकते हैं और कितने लोग इसके पात्र होंगे। विशेष रूप से CURE सीमा क्षेत्र पर ध्यान देने को कहा गया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि जहां झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग सहमत हों और जमीन उपलब्ध हो, वहां G+5 इंदिरम्मा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। इसके अलावा, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (JNNURM) के तहत बने जर्जर मकानों को हटाकर उनकी जगह नए इंदिरम्मा आवास बनाए जाएंगे।

सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए यह घोषणा की है कि इस महीने के अंत तक 28,000 ऐसे लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र (अप्रूवल लेटर) जारी कर दिए जाएंगे, जिनके पास पहले से ही नगर निगम सीमा के अंदर घर की जमीन मौजूद है।

जिला कलेक्टरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि मार्च के अंत तक तैयार और अधूरे डबल बेडरूम मकानों के लिए लाभार्थियों का चयन पूरा कर लिया जाए। जो मकान अधूरे हैं, उनमें चिन्हित लाभार्थियों को निर्माण कार्य पूरा करने की अनुमति दी जाएगी। पहले किए गए खर्च का हिसाब लगाने के बाद शेष राशि हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा जारी की जाएगी।

मंत्री ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों को मकान आवंटित किए गए हैं लेकिन वे वहां रह नहीं रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें नोटिस जारी किया जाए। फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जाएगा और उनकी जगह पात्र गरीब परिवारों को मौका दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा।

इसके अलावा, सरकार क्षेत्रीय रिंग रोड (RRR) और आउटर रिंग रोड (ORR) के बीच के इलाके में मध्यम वर्ग के लिए किफायती आवास योजना लाने जा रही है। यह योजना पहले KPHB में विकसित आवास की तर्ज पर होगी। अधिकारियों को चार स्थानों पर जमीन की पहचान कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इस पहल से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सकेगा।