अदनान आलम

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता अनिर्बान गांगुली ने इस प्रदर्शन को नियमों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि नई दिल्ली और कोलकाता में बड़ा अंतर है और राजधानी में विरोध के लिए तय कानूनों का पालन अनिवार्य है।

अनिर्बान गांगुली ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नई दिल्ली कोई कोलकाता नहीं है। यहां विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान होते हैं और पहले से प्रशासन की अनुमति लेना जरूरी होता है। बिना इजाजत प्रदर्शन करने से आम लोगों को परेशानी होती है, इसलिए प्रदर्शनकारियों को हटाया जाना पूरी तरह उचित कदम है।

बंगाल में उलटी है स्थिति: भाजपा

भाजपा नेता ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां स्थिति पूरी तरह उलट है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा को शांतिपूर्ण प्रदर्शन या सार्वजनिक सभा के लिए भी अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ता है।

अनिर्बान गांगुली के मुताबिक,

“भाजपा को पश्चिम बंगाल में करीब 120 बार कोर्ट जाना पड़ा, फिर भी कई बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई। वहां लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पुलिस निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रही है।”

ममता बनर्जी के बयानों पर सवाल

ईडी की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयानों पर भी भाजपा नेता ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शायद ममता बनर्जी देश की इकलौती मुख्यमंत्री हैं, जिनका नाम बार-बार विवादों और इस तरह के बयानों से जुड़ता है।

ईडी अदालत के निर्देश पर कर रही जांच’

अनिर्बान गांगुली ने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) अदालत के निर्देश पर जांच कर रही है और कानून के तहत एक निजी संगठन के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक संवैधानिक पद पर बैठी मुख्यमंत्री जांच प्रक्रिया में दखल क्यों देना चाहती हैं और किसी निजी संस्था को बचाने के लिए इतनी बेचैन क्यों नजर आ रही हैं।

राज्यपाल को धमकी पर चिंता

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को मिली जान से मारने की धमकी पर भी भाजपा नेता ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के संरक्षण में राष्ट्रविरोधी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने तत्वों का मनोबल बढ़ा है।

अनिर्बान गांगुली ने दावा किया कि बांग्लादेशी घुसपैठिए, रोहिंग्या और आतंकी स्लीपर सेल बंगाल में खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं और इसी माहौल में राज्यपाल को धमकी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।