गयाजी जिले के टनकुप्पा प्रखंड अंतर्गत गोईनियां गांव की छात्रा ममता कुमारी ने बिहार पारा मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य में टॉप कर दिया है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद ममता ने अनुसूचित जाति (SC) वर्ग में पूरे प्रदेश में पहला रैंक हासिल किया, जबकि सामान्य वर्ग में भी उन्होंने 8वां रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
इस उपलब्धि के बाद पूरे टनकुप्पा प्रखंड क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। ममता कुमारी के पिता सुरेंद्र मांझी एक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। महादलित परिवार (भुइयां-मुसहर समाज) से आने वाली ममता ने आर्थिक तंगी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद यह बड़ी सफलता हासिल कर यह साबित किया है कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
मेहनत और लगन से मिली बड़ी सफलता
Mamta kumari
ममता कुमारी ने कठिन परिश्रम और निरंतर तैयारी के दम पर पारा मेडिकल एग्जाम में स्टेट टॉप किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई में लगातार ध्यान बनाए रखा और परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं।
परिवार और शिक्षकों का मिला सहयोग
ममता की सफलता के पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान बताया जा रहा है। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्हें लगातार मार्गदर्शन और मानसिक समर्थन मिलता रहा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है।
जीतन राम मांझी ने की सराहना
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने ममता कुमारी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर उन्हें स्टेट टॉपर बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतिभाएं देश का भविष्य हैं और सरकार योग्य छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने ममता के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
आगे की पढ़ाई और सपनों की दिशा
ममता कुमारी अब आगे मेडिकल क्षेत्र में अपने करियर को मजबूत करने की तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य है कि वे स्वास्थ्य सेवा में बेहतर योगदान दें और समाज की सेवा करें। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
