डायबिटीज और कंधे का दर्द। | Source: Pintrest

डायबिटीज और कंधे का दर्द।Source : Pintrest

डायबिटीज को आमतौर पर ब्लड शुगर से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन इसका असर शरीर के कई अन्य हिस्सों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक कंधे में दर्द, जकड़न या हाथ को पूरी तरह घुमाने में परेशानी हो रही है, तो इसे सिर्फ सामान्य मांसपेशियों की समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे लक्षण कई बार डायबिटीज से जुड़ी एक गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर सकते हैं। हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कंधे में लगातार रहने वाला दर्द और जकड़न, अनियंत्रित ब्लड शुगर का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए समय रहते जांच और इलाज कराना बेहद जरूरी है।

डायबिटीज और कंधे की समस्या का क्या है संबंध?

डॉक्टरों के मुताबिक, लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा रहने से शरीर के जोड़ों, मांसपेशियों और ऊतकों पर असर पड़ता है। इसके कारण कंधे में जकड़न, दर्द और मूवमेंट में कमी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में फ्रोजन शोल्डर भी कहा जाता है, जो डायबिटीज के मरीजों में सामान्य लोगों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है।

किन लक्षणों को न करें इग्नोर?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि कंधे में लगातार दर्द बना रहे, हाथ ऊपर उठाने में दिक्कत हो, कपड़े पहनने या बाल बनाने जैसे सामान्य कामों में परेशानी हो, या कंधे की मूवमेंट धीरे-धीरे कम होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कई बार ये लक्षण डायबिटीज की पहचान से पहले भी दिखाई दे सकते हैं।

समय पर जांच क्यों है जरूरी?

डॉक्टरों का कहना है कि यदि इन लक्षणों को शुरुआती चरण में पहचान लिया जाए, तो ब्लड शुगर को कंट्रोल कर और उचित इलाज के जरिए समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। वहीं लापरवाही बरतने पर दर्द और जकड़न गंभीर रूप ले सकती है, जिससे रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो सकते हैं।