पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग लोकतंत्र के उत्सव से ज्यादा कई इलाकों में संघर्ष का मैदान बनती नजर आई। सुबह मतदान शुरू होते ही राज्य के अलग-अलग जिलों से हिंसा, झड़प, पथराव, मारपीट और हंगामे की खबरें सामने आने लगीं।

मुर्शिदाबाद से लेकर कूचबिहार तक और आसनसोल से लेकर सिलीगुड़ी तक कई जगहों पर चुनावी माहौल तनावपूर्ण रहा। कहीं उम्मीदवारों की गाड़ियों पर हमला हुआ, कहीं कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, तो कहीं मतदान केंद्रों के बाहर हालात बेकाबू हो गए।


आसनसोल में भाजपा विधायक की गाड़ी पर हमला

आसनसोल के बर्नपुर इलाके में भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी पर हमला किया गया। वह मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर लौट रही थीं, तभी उनकी कार पर बड़ा पत्थर फेंका गया।

हमले में गाड़ी का पिछला शीशा टूट गया। हालांकि विधायक सुरक्षित रहीं, लेकिन उनके सहयोगियों को मामूली चोटें आईं। इस घटना के बाद उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।


केशपुर में वोट डालने के बाद महिला की मौत

पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर से एक दुखद घटना सामने आई, जहां मतदान करने पहुंची 55 वर्षीय इशरतन बीबी की वोट डालने के कुछ देर बाद मौत हो गई।

परिजनों का दावा है कि परिवार के कई लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं था और सिर्फ महिला का नाम दर्ज था। वोट देने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।


मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर की गाड़ी घिरी

हुमायूं कबीर जब एक घटना स्थल का दौरा करने पहुंचे तो उनकी गाड़ी को भीड़ ने घेर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के हाथों में लाठियां, डंडे और पत्थर थे। मौके पर जमकर नारेबाजी हुई और हालात बिगड़ने के बाद केंद्रीय बलों को मोर्चा संभालना पड़ा।


मालदा में तृणमूल के भीतर ही बवाल

मालदा के हरिश्चंद्रपुर में मामला और दिलचस्प हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस के दो गुट आपस में भिड़ गए।

चुनावी कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, झंडे फाड़े गए और एक-दूसरे पर विरोधी दल का समर्थन करने के आरोप लगाए गए।


सिलीगुड़ी में भाजपा-तृणमूल समर्थकों की भिड़ंत

सिलीगुड़ी के एक मतदान केंद्र के बाहर भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया।

स्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय सुरक्षा बलों ने हस्तक्षेप किया और भीड़ को हटाया।


ईवीएम खराब होने पर भड़के मतदाता

मालदा के मोथाबाड़ी इलाके में ईवीएम खराब होने से मतदाताओं का गुस्सा फूट पड़ा।

लोगों ने अधिकारियों को घेर लिया और मतदान में देरी को लेकर भारी नाराजगी जताई।


कूचबिहार में लाठीचार्ज

कूचबिहार के तूफानगंज में मतदान केंद्र के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख केंद्रीय बलों ने लाठीचार्ज किया।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कुछ लोग मतदान प्रक्रिया बाधित करने की कोशिश कर रहे थे।


भाजपा उम्मीदवार पर हमला

दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर हमला किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि बूथ पर गड़बड़ी की शिकायत करने पहुंचे तो उन पर लाठी और घूंसों से हमला किया गया।


बीरभूम में केंद्रीय बलों पर पथराव

बीरभूम के दुबराजपुर में ईवीएम खराबी के बाद मतदाताओं और सुरक्षा बलों के बीच विवाद बढ़ गया।

स्थिति इतनी बिगड़ी कि भीड़ ने केंद्रीय बलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा।


ईवीएम से जुड़ा नया विवाद

जामुड़िया में सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी में ईवीएम मिलने के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सवाल उठाए, जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी।


लोकतंत्र का पर्व या सियासी संघर्ष?

पहले चरण की वोटिंग के दौरान हुई इन घटनाओं ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की चुनावी हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी सुरक्षा इंतजामों के बावजूद जिस तरह लगातार हिंसा की खबरें सामने आईं, उसने चुनाव आयोग और प्रशासन दोनों की चुनौती बढ़ा दी है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले चरणों में हालात शांत रहते हैं या बंगाल की राजनीति फिर इसी तरह हिंसा की सुर्खियों में बनी रहती है।