तेजप्रताप बोले बाबा, मेरा राजनीतिक भविष्य देख लीजिएगा । कभी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को देशद्रोही बताने और उनकी तुलना आसाराम व राम रहीम जैसे विवादित गुरुओं से करने वाले तेज प्रताप यादव का यह बदला हुआ अंदाज अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। खजुराहो से सामने आए एक वायरल वीडियो में दोनों के बीच वीडियो कॉल पर बातचीत होती दिख रही है, जिसने राजनीति और धर्म के रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

वायरल वीडियो में जनशक्ति जनता दल (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव काफी सहज नजर आते हैं। वे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से कहते हैं, “बाबा, मेरा राजनीतिक भविष्य देख लीजिएगा…”। इसके जवाब में शास्त्री भी सकारात्मक लहजे में कहते हैं, “बिलकुल पक्का! जब आप यहां आएंगे, तब हम बैठकर विस्तार से बात करेंगे।” वे आगे कहते हैं कि दोनों एक-दो घंटे साथ बैठकर इस विषय पर चर्चा करेंगे। इस पर तेज प्रताप भी हामी भरते दिखाई देते हैं।

यह वीडियो इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले तक दोनों के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण थे। साल 2023 में जब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार के पटना के नौबतपुर में कथा करने वाले थे, तब तेज प्रताप यादव ने इसका खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि बिहार गांधी और बुद्ध की धरती है, जहां किसी भी तरह का धार्मिक विवाद या लोगों को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तेज प्रताप ने उस समय कड़ा रुख अपनाते हुए यह भी कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वे पटना एयरपोर्ट का घेराव करेंगे, ताकि धीरेंद्र शास्त्री को बिहार में प्रवेश करने से रोका जा सके। उनका यह बयान उस वक्त काफी सुर्खियों में रहा था और इसे एक बड़ी राजनीतिक चेतावनी के रूप में देखा गया था।

इतना ही नहीं, तेज प्रताप यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान बिना नाम लिए धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा था, “बहुत बाबा आए, लेकिन हम बहुत बड़े बाबा हैं। हम जमीन से लेकर पाताल तक नाप देंगे।” यह बयान भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था और इसे सीधे तौर पर शास्त्री पर हमला माना गया था।

इसके अलावा, तेज प्रताप यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तुलना विवादित धार्मिक गुरुओं आसाराम और राम रहीम से भी की थी। उन्होंने कहा था कि शास्त्री भी उन्हीं की तरह हैं। साथ ही उन्होंने उन्हें ‘देशद्रोही’ तक कह दिया था। इन बयानों के कारण दोनों के बीच दूरी साफ नजर आती थी।

लेकिन अब सामने आए इस नए वीडियो ने पूरी तस्वीर बदल दी है। पहले जहां तेज प्रताप यादव धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आक्रामक बयान देते थे, वहीं अब वे उनसे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सलाह मांगते दिखाई दे रहे हैं। इस बदलाव ने लोगों को हैरान कर दिया है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कुछ लोग इसे राजनीति का बदलता रंग बता रहे हैं, जहां हालात के अनुसार नेताओं के रुख भी बदल जाते हैं। वहीं कुछ लोग इसे सामान्य बातचीत मानते हुए कह रहे हैं कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह के बदलाव आम बात हैं।

यह पूरा मामला एक बार फिर इस बात को सामने लाता है कि भारतीय राजनीति में धार्मिक हस्तियों का प्रभाव कितना गहरा है। नेता अक्सर ऐसे व्यक्तित्वों से जुड़कर अपनी छवि को मजबूत करने की कोशिश करते हैं।