बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है। खासकर सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में देसी चुलाई शराब का नेटवर्क अब भी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। इसी कड़ी में सुपौल जिले के प्रतापगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तेकुना पंचायत के आदिवासी टोला से 40 लीटर अवैध देसी चुलाई शराब बरामद की है। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कथित शराब कारोबारी मौके से फरार हो गया। इस कार्रवाई को प्रतापगंज क्षेत्र में चल रहे शराब विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।ये फोटो AI द्वारा बनाया गया है।
गुप्त सूचना के बाद हरकत में आई पुलिस
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह प्रतापगंज पुलिस नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि तेकुना पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित इमामपट्टी गांव निवासी जितेंद्र उरांव अपने घर में बड़ी मात्रा में अवैध देसी शराब छिपाकर रखता है और वहीं से उसकी बिक्री भी करता है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और बिना देर किए कार्रवाई की योजना बनाई। शराबबंदी कानून के तहत किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देशों के बीच पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हो गई।
पुलिस वाहन देखते ही भाग निकला आरोपी
अवर निरीक्षक सोनु कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल जब तेकुना पंचायत के आदिवासी टोला पहुंचा तो पुलिस वाहन को देखते ही एक व्यक्ति घर से निकलकर तेजी से भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन घनी आबादी, संकरी गलियों और स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर वह पुलिस की पकड़ से बच निकला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ के बाद उसकी पहचान जितेंद्र उरांव के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी को संभवतः पहले ही कार्रवाई की भनक लग गई थी, जिसके कारण वह समय रहते फरार होने में सफल रहा।
रसोईघर में छिपाकर रखी गई थी शराब
आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उसके घर की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान रसोईघर में प्लास्टिक के चार बड़े गैलनों में छिपाकर रखी गई देसी चुलाई शराब बरामद हुई। जांच में कुल 40 लीटर अवैध शराब मिलने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके पर ही शराब को जब्त कर लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे थाना ले आई। प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी लंबे समय से शराब के अवैध कारोबार में शामिल हो सकता है और क्षेत्र में इसकी आपूर्ति का काम करता रहा हो। पुलिस अब उसके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी, अभियान रहेगा जारी
प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के मामले में जितेंद्र उरांव के खिलाफ उत्पाद एवं मद्यनिषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए क्षेत्र में अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का मानना है कि ऐसे अभियानों से न केवल शराब तस्करों पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के नेटवर्क को भी कमजोर किया जा सकेगा।
