
12 जून, शुक्रवार को बिहार के सासाराम सदर अस्पताल से सामने आई एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए। अस्पताल के ओपीडी के पीछे सैकड़ों ब्रांडेड शराब की खाली बोतलें मिलने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। हैरानी की बात यह है कि यह मामला ऐसे राज्य से जुड़ा है, जहां पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है और शराब की बिक्री व सेवन पर सख्त पाबंदी है।
जानकारी के मुताबिक, अस्पताल परिसर के एक हिस्से में बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलें बिखरी हुई मिलीं। इनमें कई ब्रांडेड शराब की बोतलें भी शामिल बताई जा रही हैं। घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में इतनी बड़ी संख्या में शराब की बोतलें कैसे पहुंचीं।
अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल परिसर में इस तरह शराब की बोतलें मिल रही हैं, तो यह सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि परिसर में रात के समय असामाजिक गतिविधियां हो सकती हैं।
शराबबंदी पर फिर उठी बहस
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद अक्सर अवैध शराब और उससे जुड़े मामलों की खबरें सामने आती रही हैं। लेकिन अस्पताल परिसर में इस तरह सैकड़ों खाली शराब की बोतलें मिलना मामले को और गंभीर बना रहा है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी अस्पताल तक ऐसी चीजें पहुंच रही हैं, तो शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत क्या है।
फिलहाल, मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग की जा रही है। हालांकि, अभी तक इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
