WhatsApp इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक नई साइबर चेतावनी सामने आई है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऐसे मालवेयर अभियान का खुलासा किया है, जो खास तौर पर WhatsApp Web और Desktop Version का उपयोग करने वाले लोगों को निशाना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी समझौता किए गए WhatsApp अकाउंट्स के जरिए खतरनाक फाइलें भेज रहे हैं, जो देखने में सामान्य बिजनेस डॉक्यूमेंट या बैंक स्टेटमेंट जैसी लगती हैं।
साइबर सिक्योरिटी फर्म Kaspersky के मुताबिक, यह अभियान कई देशों में सक्रिय है और इसके जरिए यूजर्स को धोखे से मालवेयर डाउनलोड कराने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहली नजर में ये फाइलें पूरी तरह वैध और भरोसेमंद दिखाई देती हैं, जिससे कई लोग बिना जांचे-परखे इन्हें खोल देते हैं।
कैसे काम करता है यह साइबर हमला?
रिपोर्ट के अनुसार, साइबर हमलावर पहले से हैक या समझौता किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर फाइलें भेजते हैं। चूंकि मैसेज किसी परिचित व्यक्ति या कॉन्टैक्ट की तरफ से आता हुआ दिखाई देता है, इसलिए यूजर को उस पर संदेह नहीं होता।
इन फाइलों को ऐसे नाम दिए जाते हैं जो बैंक रिकॉर्ड, अकाउंट स्टेटमेंट, इनवॉइस या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे प्रतीत होते हैं। जैसे ही यूजर फाइल डाउनलोड या ओपन करता है, डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
फाइल खुलते ही शुरू हो जाता है खतरा
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, मालवेयर इंस्टॉल होने के बाद हमलावर डिवाइस की महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं। इससे निजी डेटा, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी और अन्य संवेदनशील सूचनाएं चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
कुछ मामलों में मालवेयर का उपयोग आगे अन्य सिस्टमों पर हमले करने और नेटवर्क में घुसपैठ के लिए भी किया जा सकता है। यही वजह है कि ऐसे हमलों को गंभीर साइबर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
किन फाइलों से रहें सावधान?
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी फाइल के अंत में .vbs, .vbe, .exe, .bat, .cmd, .js या .ps1 जैसे एक्सटेंशन दिखाई दें तो उन्हें बिना पुष्टि के बिल्कुल न खोलें।
इसके अलावा WhatsApp और अपने कंप्यूटर या मोबाइल के सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखना भी जरूरी बताया गया है। किसी भी संदिग्ध फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करना साइबर सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यूजर्स के लिए क्या है सलाह?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि WhatsApp पर प्राप्त किसी भी फाइल को केवल इसलिए सुरक्षित न मानें क्योंकि वह किसी परिचित कॉन्टैक्ट से आई है। संदिग्ध फाइलों से दूरी बनाए रखें, सुरक्षा अपडेट समय पर इंस्टॉल करें और किसी भी अनजान अटैचमेंट को खोलने से पहले सावधानी बरतें। छोटी सी लापरवाही आपके डिवाइस और निजी डेटा दोनों को खतरे में डाल सकती है।
