भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी लगातार अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच रहे हैं। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस निडर अंदाज से बल्लेबाजी की है, उसने कई दिग्गजों को प्रभावित किया है। अब भारत के पूर्व बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने वैभव की बल्लेबाजी तकनीक की तुलना ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन से की है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इतनी जल्दी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
Vaibhav Suryavanshi:कौन है वो जिसने वैभव की तुलना डॉन ब्रैडमैन से कर दी? बयान हुआ वायरल!Source : Abp news.com
उथप्पा ने बताई ब्रैडमैन जैसी खासियत
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रॉबिन उथप्पा ने कहा कि अभी गेंदबाजों ने वैभव सूर्यवंशी के खेल को पूरी तरह समझा नहीं है। उनके मुताबिक समय के साथ विरोधी टीमें उनकी बल्लेबाजी के खिलाफ नई रणनीतियां बनाएंगी और तभी उनकी असली परीक्षा होगी। उथप्पा ने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी तकनीक उन्हें सर डोनाल्ड ब्रैडमैन की याद दिलाती है। उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि वैभव की तकनीक ऐसी है, जिसमें उनके एलबीडब्ल्यू आउट होने की संभावना काफी कम रहती है। यही गुण ब्रैडमैन की बल्लेबाजी में भी देखने को मिलता था।
IPL से जिम्बाब्वे दौरे तक छोड़ी छाप
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद भारतीय टीम में जगह मिलने पर इंग्लैंड दौरे की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने दमदार वापसी की। तीन मैचों में 151 रन बनाकर वैभव ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुने गए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता ने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया है।
अभी लंबा सफर तय करना बाकी
रॉबिन उथप्पा ने कहा कि अभी वैभव के करियर की शुरुआत है और उन्हें लेकर बड़ी भविष्यवाणियां करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने याद दिलाया कि डॉन ब्रैडमैन के खिलाफ विरोधी टीमों ने ‘बॉडीलाइन’ जैसी रणनीति अपनाई थी। उसी तरह भविष्य में वैभव के खिलाफ भी गेंदबाज नई योजनाओं के साथ उतरेंगे। उथप्पा का मानना है कि असली चुनौती तब होगी, जब युवा बल्लेबाज इन परिस्थितियों में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
40 से ऊपर औसत तो बनेंगे बड़े खिलाड़ी
उथप्पा ने कहा कि अगर वैभव सूर्यवंशी अपने आक्रामक और निडर अंदाज को बरकरार रखते हुए लंबे समय तक 40 से अधिक की औसत से रन बनाते हैं, तो वह भारतीय क्रिकेट के बड़े खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड का भी जिक्र किया और कहा कि उनका 99.94 का टेस्ट औसत आज भी क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा मानदंड है। उथप्पा ने यह भी कहा कि अगर दूसरे विश्व युद्ध की वजह से ब्रैडमैन के करियर में रुकावट नहीं आती, तो शायद उनके आंकड़े और भी अविश्वसनीय होते। वैभव सूर्यवंशी के शुरुआती प्रदर्शन ने जरूर उम्मीदें बढ़ा दी हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह भारतीय क्रिकेट में कितनी बड़ी पहचान बना पाते हैं।
