रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को जांच के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। ताजा जांच में सामने आया है कि मामले का कथित मास्टरमाइंड माने जा रहे अभय तिवारी ने एक या दो नहीं, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों की कुल 12 प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की थीं। अब सीआईडी इन सभी परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेजों और अभिलेखों की गहन जांच कर रही है।
जांच के दायरे में आया अभय तिवारी का परीक्षा रिकॉर्ड
सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के अनुसार, अभय तिवारी से संबंधित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का रिकॉर्ड संबंधित भर्ती एजेंसियों से मांगा गया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विभिन्न परीक्षाओं में उसकी उम्मीदवारी, चयन प्रक्रिया और नियुक्तियों से जुड़े तथ्यों में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई।
जांच अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर प्रत्येक परीक्षा की अलग-अलग समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अवैध गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कौन है अभय तिवारी?
सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अभय तिवारी को इस पूरे प्रकरण का प्रमुख आरोपी माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह पहले एक निजी कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में कार्य कर चुका है। वर्तमान में वह झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत बताया गया है।
जांच एजेंसियां उसके सरकारी सेवा में आने की पूरी प्रक्रिया की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सभी नियुक्तियां नियमों के अनुरूप हुई थीं या नहीं।
इन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का दावा
सीआईडी के अनुसार, अब तक की जांच में यह जानकारी सामने आई है कि अभय तिवारी ने पिछले लगभग 13 वर्षों के दौरान कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की थीं। इनमें पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) भर्ती परीक्षा, भारतीय नौसेना में एसएआर पद की परीक्षा, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) की भर्ती परीक्षा, आईआरबी कांस्टेबल भर्ती, सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल परीक्षा, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) परीक्षा, जेएसएससी पीजीटी शिक्षक भर्ती, सीजीएल परीक्षा, जेपीएससी सहायक वन संरक्षक (एसीएफ), वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ), खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) तथा 11वीं झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा शामिल हैं।
हालांकि इन परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
परिवार के सदस्यों की नियुक्तियों की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि अभय तिवारी के परिवार के कुछ सदस्य भी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। सीआईडी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उनकी नियुक्तियां पूरी तरह नियमानुसार हुई थीं या नहीं। फिलहाल जांच एजेंसी ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
18 ठिकानों पर छापेमारी, कई अहम दस्तावेज बरामद
जेपीएससी परीक्षा अनियमितता मामले की जांच के दौरान सीआईडी ने पुलिस के सहयोग से रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद सहित विभिन्न जिलों में कुल 18 स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
बरामद सामग्री में लैपटॉप, मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक, कई अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन प्रतियां, प्रवेश पत्र, अंकसूचियां तथा अन्य दस्तावेज शामिल हैं। इन सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है।
जांच अभी जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी
सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं में किस-किस की भूमिका रही और किन लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसी सभी उपलब्ध दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं की विस्तार से जांच कर रही है।
