जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ हो रही है। भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि पिछले छह महीनों में वैभव के खेल और सोच में जबरदस्त बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही वैभव ने जिस परिपक्वता के साथ दबाव भरे मुकाबलों का सामना किया है, वह उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' दोनों पुरस्कार अपने नाम किए।

 छह महीनों में बढ़ी खेल की समझ

मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, "सबसे प्रभावित करने वाली बात यह है कि व्यक्ति के तौर पर वह जिस तरह विकसित हुआ है। पिछले छह महीनों में उसकी परिपक्वता, खेल की समझ और जागरूकता में जबरदस्त वृद्धि हुई है। यही वजह है कि वह कठिन परिस्थितियों को भी बेहतरीन तरीके से संभाल पा रहा है।"

उन्होंने कहा कि वैभव ने पूरी सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की और तीन पारियों में 50.33 की औसत से 151 रन बनाए। तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में उनकी 81 रनों की शानदार पारी भारत की सीरीज जीत की मजबूत नींव बनी।

 इंग्लैंड दौरे के बाद की दमदार वापसी

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उस समय और भी खास हो जाता है, जब इसे इंग्लैंड दौरे से जोड़कर देखा जाए। इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले अंतरराष्ट्रीय दौरे पर वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे। उस सीरीज में उन्होंने 13, 14 और 15 रन की पारियां खेलीं और पांचवें तथा अंतिम टी20 मुकाबले से बाहर कर दिए गए थे। भारत को उस श्रृंखला में 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी कर आलोचकों को करारा जवाब दिया।

 आईपीएल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक शानदार सफर

मुख्य कोच गौतम गंभीर को व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण विश्राम दिए जाने से इस दौरे पर टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभाल रहे वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, "वैभव ने अंडर-19 विश्व कप खेला और चार-पांच महीनों के भीतर आईपीएल में भी अपनी अलग पहचान बना ली। हम जानते हैं कि आईपीएल का स्तर कितना कठिन होता है। भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह उसने खुद को साबित किया और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसी आत्मविश्वास के साथ खेला, उससे उसकी प्रतिभा और क्षमता साफ दिखाई देती है।"

खुद को बेहतर बनाने की है ललक

लक्ष्मण ने कहा कि वैभव की सबसे बड़ी खूबी लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की इच्छा है। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज हर दिन अपने खेल में सुधार करना चाहता है और यही सोच उसे आगे लेकर जाएगी। उनके मुताबिक इतनी कम उम्र में वैभव का अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण बेहद प्रभावशाली है।

चोट के बावजूद टीम के लिए डटे रहे

वीवीएस लक्ष्मण ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी चोट लगने के बाद भी मैदान छोड़ना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा, "हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है और खेल के हर पहलू में खुद को बेहतर बनाना चाहता है। आज के मैच में भी वह फील्डिंग के दौरान पूरी तरह सक्रिय था। चोट लगने के बाद भी वह मैदान पर बने रहना चाहता था, लेकिन हमारी फिजियो टीम ने उसे बाहर आने की सलाह दी। इससे पता चलता है कि टीम के लिए हर संभव योगदान देने की उसकी कितनी मजबूत इच्छा है।"

वैभव सूर्यवंशी के प्रदर्शन और उनके प्रति टीम प्रबंधन के भरोसे ने साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा युवा खिलाड़ी मिल चुका है, जो कम उम्र में ही बड़े मंच पर खुद को साबित करने की क्षमता रखता है। आने वाले समय में उन पर सभी की नजरें रहेंगी।