यूपी चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का बयान। | Source: Chrome

यूपी चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का बयान।Source : Chrome

बिहार की राजनीति में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के उत्तर प्रदेश की राजनीति में उतरने की अटकलें तेज हैं। बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद यह चर्चा और भी तेज हो गई कि क्या जन सुराज अब यूपी विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार उतारेगा। इस बीच प्रशांत किशोर ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत में इन सभी अटकलों पर अपना पक्ष रखा है।

यूपी चुनाव को लेकर क्या बोले प्रशांत किशोर?

एबीपी न्यूज से एक्सक्लूसिव बातचीत में प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि उनका पूरा ध्यान फिलहाल बिहार पर है। उन्होंने दोहराया कि पहले भी वह यह स्पष्ट कर चुके हैं कि कम से कम अगले दस वर्षों तक बिहार से बाहर सक्रिय राजनीति में जाने की उनकी कोई योजना नहीं है।उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव लाना है और फिलहाल उनकी पूरी ऊर्जा इसी दिशा में लगाई जा रही है।

बांकीपुर जीत के बाद तेज हुई थीं चर्चाएं

बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज की जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि पार्टी अब दूसरे राज्यों में भी अपने संगठन का विस्तार कर सकती है। खासतौर पर उत्तर प्रदेश को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि जन सुराज यहां भी अपने उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है।हालांकि, प्रशांत किशोर के ताजा बयान के बाद इन चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।

बीजेपी पर साधा निशाना

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी की हार उसकी कार्यशैली और बढ़ते अहंकार का परिणाम है।उन्होंने दावा किया कि जिस सीट पर बीजेपी ने पिछले चुनाव में बड़ी बढ़त से जीत दर्ज की थी, उसी सीट पर इस बार उसे हार का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक यह सिर्फ चुनावी हार नहीं, बल्कि जनता का स्पष्ट राजनीतिक संदेश है।

बिहार की जनता का संदेश बताया

प्रशांत किशोर ने कहा कि उपचुनाव के नतीजे यह बताते हैं कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि लोगों की अपेक्षाएं बदल रही हैं और सरकारों को भी जनता की उम्मीदों के अनुरूप काम करना होगा।उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणामों को सभी राजनीतिक दलों को गंभीरता से लेना चाहिए और आत्ममंथन करना चाहिए।

फिलहाल बिहार ही प्राथमिकता

जन सुराज प्रमुख ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल उनका पूरा फोकस बिहार की राजनीति पर है। उन्होंने कहा कि राज्य में मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार करना उनका लक्ष्य है और आने वाले वर्षों में भी उनका अभियान बिहार तक ही सीमित रहेगा।इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में जन सुराज की एंट्री को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है।