रेहान फ़ज़ल

दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर ख़ालिद को अदालत से ज़मानत नहीं मिली है। वहीं दूसरी ओर, रेप और मर्डर जैसे संगीन अपराधों में दोषी ठहराए जा चुके डेरा प्रमुख राम रहीम को एक बार फिर पैरोल दे दी गई है।

इस विरोधाभास को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि साल 2017 में दोषी करार दिए जाने के बाद से राम रहीम अब तक 14 बार जेल से बाहर आ चुका है।

राजदीप सरदेसाई ने इस स्थिति को भारत की क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की सच्चाई बताते हुए कहा कि एक तरफ़ विचाराधीन कैदी वर्षों तक जेल में बंद रहते हैं, जबकि दूसरी तरफ़ सजायाफ्ता अपराधियों को बार-बार पैरोल के ज़रिये राहत मिल जाती है।