Trump on Turkey F-35 Deal: तुर्की को F-35 जेट देने पर तैयार हुए ट्रंप, नेतन्याहू को सुनाया- 'कोई मुझे नहीं बताएगा किसे क्या बेचना है' | Source: NDTV.comअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार (28 जुलाई) को व्हाइट हाउस में मुलाकात करने वाले हैं। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की बैठक होगी। हालांकि इस अहम मुलाकात से पहले ही ट्रंप ने तुर्की का खुलकर समर्थन करते हुए स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका अपने हथियार किस देश को बेचेगा, इसका फैसला कोई दूसरा देश नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि तुर्की अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है और F-35 लड़ाकू विमान सौदे जैसे फैसले केवल अमेरिकी हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।

Trump on Turkey F-35 Deal: तुर्की को F-35 जेट देने पर तैयार हुए ट्रंप, नेतन्याहू को सुनाया- 'कोई मुझे नहीं बताएगा किसे क्या बेचना है'Source : NDTV.com

व्हाइट हाउस बैठक से पहले ट्रंप का बड़ा बयान

मिशिगन रवाना होने के दौरान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप से पूछा गया कि क्या इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू तुर्की को F-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमान बेचने का विरोध करते हैं और क्या यह मुद्दा व्हाइट हाउस में होने वाली बैठक में उठेगा। इसके जवाब में ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान की जमकर तारीफ की और कहा कि अमेरिका और तुर्की के संबंध मजबूत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।

एर्दोगान को बताया अपना दोस्त

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "तुर्की मेरे लिए एक बेहतरीन सहयोगी रहा है। मुझे लगता है कि एर्दोगान ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने सीरिया में भी अच्छा काम किया। वह मेरे दोस्त हैं।" ट्रंप के इस बयान को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब तुर्की और इजरायल के संबंध लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

हथियार बिक्री पर ट्रंप का साफ संदेश

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका किस देश को हथियार बेचेगा, इसका फैसला केवल वॉशिंगटन करेगा। उन्होंने कहा, "मुझे कोई यह नहीं बताएगा कि हमें क्या बेचना चाहिए और क्या नहीं।" ट्रंप के इस बयान को तुर्की को F-35 लड़ाकू विमान बेचने की संभावित डील पर अमेरिका के रुख के तौर पर देखा जा रहा है।

तुर्की-इजरायल रिश्तों पर भी बोले

ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि तुर्की और इजरायल के संबंध इस समय अच्छे नहीं हैं। उन्होंने कहा, "तुर्की इजरायल का बड़ा समर्थक नहीं है। यह बात आप जानते हैं। और वह बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) को भी ज्यादा पसंद नहीं करता।" हालांकि इसके बावजूद ट्रंप ने दोहराया कि तुर्की अमेरिका के लिए एक अहम साझेदार बना हुआ है।

तुर्की की सैन्य ताकत की तारीफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ने तुर्की की सैन्य क्षमता की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, "तुर्की बहुत ताकतवर देश है। उसकी सेना बेहद बड़ी और शक्तिशाली है तथा उसके पास बेहतरीन सैन्य उपकरण मौजूद हैं।" ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका तुर्की को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी के रूप में देखता है।

रणनीतिक हितों पर रहेगा अमेरिका का फोकस

ट्रंप के ताजा बयानों से साफ संकेत मिलता है कि उनकी सरकार इजरायल और तुर्की दोनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हथियारों के निर्यात से जुड़े फैसले किसी सहयोगी देश की पसंद या आपत्ति के आधार पर नहीं, बल्कि अमेरिका के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे। यही मुद्दा व्हाइट हाउस में ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाकात के दौरान भी चर्चा का अहम विषय बन सकता है।