
Source : Pinterest
थायराइड आज के समय में एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। लाखों लोग रोज सुबह खाली पेट डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद वजन बढ़ना, हर समय थकान महसूस होना, बाल झड़ना और शरीर में सुस्ती जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में कई मरीजों के मन में सवाल उठता है कि आखिर दवा लेने के बाद भी आराम क्यों नहीं मिल रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ दवाएं ही थायराइड को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकतीं। इसके लिए सही खानपान और जरूरी पोषक तत्वों का शरीर तक पहुंचना भी बेहद जरूरी है।
सही पोषण की कमी बढ़ा सकती है दिक्कत
विशेषज्ञों के मुताबिक थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। जब यह ठीक से काम नहीं करती तो शरीर की ऊर्जा खपत कम होने लगती है और कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं। दवा हार्मोन लेवल को संतुलित करने का काम करती है, लेकिन अगर शरीर को सेलेनियम, जिंक, आयोडीन और जरूरी विटामिन नहीं मिलते हैं तो थकान, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी शिकायतें बनी रह सकती हैं। ऐसे में डाइट में कुछ खास खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
1. कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds): कद्दू के बीज जिंक का बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। जिंक थायराइड हार्मोन T4 को सक्रिय T3 में बदलने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थायराइड के लक्षण और गंभीर हो सकते हैं। नियमित रूप से एक चम्मच कद्दू के बीज खाने से थायराइड ग्रंथि के कामकाज को बेहतर बनाने के साथ बाल झड़ने की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
2. ब्राजील नट्स, बादाम और अखरोट: सेलेनियम थायराइड मरीजों के लिए जरूरी मिनरल माना जाता है। ब्राजील नट्स में इसकी भरपूर मात्रा पाई जाती है। अगर यह उपलब्ध न हो तो भीगे हुए बादाम और अखरोट का सेवन भी किया जा सकता है। यह शरीर की सूजन कम करने, थकान दूर करने और ऊर्जा बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं।
3. नारियल और नारियल तेल: थायराइड के कारण मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है। नारियल और नारियल तेल में मौजूद मीडियम चेन फैटी एसिड्स शरीर को जल्दी ऊर्जा देने और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह सीमित मात्रा में एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल तेल या नारियल पानी का सेवन लाभकारी हो सकता है।
4. दही और प्रोबायोटिक्स: थायराइड मरीजों में पाचन संबंधी समस्याएं काफी आम हैं। कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी दिक्कतें अक्सर देखने को मिलती हैं। दही, छाछ और अन्य प्रोबायोटिक फूड्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जिससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है। इससे शरीर दवाओं और पोषक तत्वों को भी बेहतर ढंग से अवशोषित कर पाता है।
5. आंवला और हरी पत्तेदार सब्जियां: आंवला, बथुआ, सहजन के पत्ते और अन्य हरी सब्जियां एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स से भरपूर होती हैं। आंवला इम्यूनिटी मजबूत करने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है, जबकि हरी सब्जियां जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करती हैं। इनका नियमित सेवन थायराइड मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
थायराइड की दवा लेने के बाद कम से कम 30 से 45 मिनट तक चाय, कॉफी या नाश्ता नहीं करना चाहिए। इससे दवा का असर बेहतर तरीके से हो पाता है। इसके अलावा सोयाबीन, सोया चंक्स और टोफू जैसे सोया उत्पादों का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये कुछ मामलों में दवा के प्रभाव को कम कर सकते हैं। हालांकि किसी भी नई डाइट को अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह या उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
