
मुजफ्फरपुर पुलिस के अभियान में रेस्क्यू की गई युवतियों और महिलाओं से जुड़ा मामला।Source : Chrome
बिहार के मुजफ्फरपुर से महिलाओं और युवतियों की गुमशुदगी से जुड़ा एक चिंताजनक मामला सामने आया है। पुलिस के विशेष अभियान में अब तक 648 युवतियों और महिलाओं को अलग-अलग जगहों से रेस्क्यू किया गया है। जांच के दौरान ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें घर से नाराज होकर निकली युवतियों को नौकरी या मदद का भरोसा देकर अनजान लोगों ने अपने जाल में फंसाया और दूसरे राज्यों के रेड लाइट इलाकों तक पहुंचा दिया।
घर से निकली युवती को नौकरी का झांसा
मुजफ्फरपुर की एक युवती हाल ही में किसी बात से नाराज होकर घर से निकल गई थी। शहर के बस स्टैंड के पास वह परेशान हालत में मिली। इसी दौरान एक अनजान व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।आरोप है कि वह व्यक्ति युवती को पहले बंगाल ले गया और बाद में उसे भागलपुर के रेड लाइट इलाके में पहुंचा दिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने कार्रवाई की और युवती को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके परिवार तक पहुंचाया।विशेष अभियान में 648 महिलाओं-युवतियों का रेस्क्यू मुजफ्फरपुर में लगातार सामने आ रहे गुमशुदगी के मामलों को देखते हुए पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया। इसमें अपहरण, प्रेम प्रसंग या अन्य कारणों से घर से लापता हुई युवतियों और महिलाओं की तलाश की गई।पुलिस के मुताबिक, इस अभियान के तहत बिहार के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी अब तक 648 युवतियों और महिलाओं को बरामद किया गया है। इस दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें महिलाओं और युवतियों को बहला-फुसलाकर गलत जगहों तक पहुंचाने की बात सामने आई।
बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास रहता है खतरा
पुलिस के अनुसार, घर से नाराज होकर या किसी अन्य वजह से अकेले निकलने वाली युवतियां कई बार ऐसे लोगों के संपर्क में आ जाती हैं, जो पहले से बस स्टैंड या रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों के आसपास मौजूद रहते हैं।ये लोग जरूरतमंद या परेशान युवती से बातचीत शुरू कर उसे नौकरी, पैसे या दूसरी मदद का लालच देते हैं। भरोसा बनने के बाद उसे दूसरे शहर या राज्य ले जाने की कोशिश की जाती है।
सोशल मीडिया के जरिए भी बनाया जा रहा निशाना
पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक, कुछ गिरोह फर्जी पहचान के साथ सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर युवतियों और महिलाओं से संपर्क करते हैं।पहले नौकरी, दोस्ती या प्यार का भरोसा दिया जाता है। इसके बाद उन्हें दूसरे शहर बुलाने या उनके साथ जाने के लिए तैयार किया जाता है। कई मामलों में बाद में ब्लैकमेलिंग का सहारा लेने की बात भी सामने आई है।
पुलिस की भावुक अपील
इन मामलों के सामने आने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने युवतियों और महिलाओं से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के भरोसे घर छोड़कर कहीं न जाएं। नौकरी या किसी अन्य मदद के नाम पर मिलने वाले ऑफर की पूरी तरह जांच करने की सलाह दी गई है।पुलिस ने परिवारों से भी कहा है कि बच्चों और युवतियों से बातचीत बनाए रखें, ताकि गुस्से या किसी परेशानी में वे बिना बताए घर से निकलने जैसा कदम न उठाएं।
एक गलती जिंदगी पर भारी पड़ सकती है
मुजफ्फरपुर पुलिस के अभियान में सामने आए मामलों ने यह चिंता बढ़ाई है कि घर से अचानक निकलने वाली युवतियां किस तरह मानव तस्करी और शोषण करने वाले गिरोहों के निशाने पर आ सकती हैं। ऐसे में परिवार से नाराजगी या किसी परेशानी की स्थिति में बिना सोचे-समझे अनजान लोगों पर भरोसा करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।पुलिस का कहना है कि समय पर सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई से कई युवतियों को सुरक्षित वापस लाया जा सकता है। इसलिए किसी के लापता होने पर परिवार को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए।
