नई दिल्ली। देशभर में तेजी से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने राष्ट्रीय संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शीर्ष नेतृत्व की पहली टीम का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित दो दिवसीय बैठक के बाद पार्टी के प्रमुख पदों पर नियुक्तियां घोषित की गईं। हालांकि इन नियुक्तियों के साथ ही एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आया है। पार्टी के कई प्रमुख नेताओं का पहले आम आदमी पार्टी (आप) से किसी न किसी रूप में जुड़ाव रहा है। इसी वजह से नई टीम की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में इस पहलू पर भी चर्चा तेज हो गई है।
राष्ट्रीय संयोजक बने अभिजीत दीपके
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। पार्टी के विस्तार और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभिजीत दीपके वर्ष 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ कार्य कर चुके हैं। अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए जाने से पहले उन्होंने डिजिटल प्रचार और संगठनात्मक गतिविधियों में भूमिका निभाई थी। विभिन्न साक्षात्कारों में भी वह इस जुड़ाव का उल्लेख कर चुके हैं।
सह-संयोजक आशुतोष रांका भी रहे 'आप' से जुड़े
सीजेपी ने आशुतोष रांका को राष्ट्रीय सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी है। बताया जाता है कि वे कुछ समय पहले तक राजस्थान में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी रहे थे। सीजेपी के गठन के बाद उन्हें पहले पार्टी का प्रवक्ता बनाया गया और अब संगठन में उन्हें और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन की कमान आजिंक्य शिंदे के हाथों में
पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन प्रभारी का महत्वपूर्ण पद आजिंक्य शिंदे को सौंपा है। शिंदे का नाम भी पहले आम आदमी पार्टी से जुड़ा रहा है। वे महाराष्ट्र में 'आप' के युवा संगठन में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं। अब उन्हें सीजेपी के संगठनात्मक ढांचे को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की जिम्मेदारी मिली है।
मीडिया और दक्षिण भारत की जिम्मेदारी विजय रेड्डी मलांगी को
सीजेपी ने विजय रेड्डी मलांगी को मीडिया विभाग का प्रमुख नियुक्त किया है। साथ ही उन्हें दक्षिण भारत में संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के अनुसार मलांगी पहले तेलंगाना में आम आदमी पार्टी के सक्रिय नेता रहे हैं और युवा संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
सौरभ दास का भी रहा AAP के प्रति समर्थन
सीजेपी के सह-संयोजक और आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल सौरभ दास औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी के सदस्य नहीं रहे, लेकिन विभिन्न मुद्दों पर उन्होंने समय-समय पर पार्टी का समर्थन किया। राजनीतिक घटनाक्रमों के दौरान वे कई ऐसे अभियानों में सक्रिय दिखाई दिए जिनमें आम आदमी पार्टी ने प्रमुख भूमिका निभाई थी। इसी कारण उनके नाम को भी इस चर्चा से जोड़कर देखा जा रहा है।
नई टीम के ऐलान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
सीजेपी द्वारा राष्ट्रीय नेतृत्व की घोषणा के बाद पार्टी की संगठनात्मक रणनीति और नेतृत्व संरचना को लेकर राजनीतिक विश्लेषण शुरू हो गया है। कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि पार्टी में ऐसे नेताओं की मौजूदगी, जिन्हें पहले राजनीतिक संगठनों में कार्य करने का अनुभव रहा है, संगठन के विस्तार में सहायक हो सकती है। वहीं विपक्षी दल इस पहलू को राजनीतिक दृष्टि से अलग नजरिए से देख रहे हैं।
देशव्यापी विस्तार की तैयारी में सीजेपी
छत्रपति संभाजीनगर में हुई बैठक के दौरान पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए कि वह अब अपने संगठन को देशभर में विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ेगी। शीर्ष नेतृत्व की नियुक्तियों को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आने वाले समय में पार्टी विभिन्न राज्यों में संगठनात्मक इकाइयों के गठन और जनसंपर्क अभियान को गति देने की तैयारी कर रही है।
