erere | Source: erererनई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को उस समय राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया, जब कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन के दौरान आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की। इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पर देश के वैज्ञानिकों तथा भारतीय परंपराओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। सदन में दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली।

प्रोफेसर वी. कामकोटि की टिप्पणी पर शुरू हुआ विवाद

लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रोफेसर वी. कामकोटि को लेकर टिप्पणी की। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इसी बयान को आधार बनाते हुए कांग्रेस सांसद पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रोफेसर का मजाक उड़ाया जा रहा है, उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां और वैज्ञानिक योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रोफेसर वी. कामकोटि की योग्यता और उपलब्धियों की तुलना करना भी आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि गांधी परिवार के सभी सदस्यों की डिग्रियां भी जोड़ दी जाएं, तब भी वे प्रोफेसर कामकोटि की शैक्षणिक उपलब्धियों के बराबर नहीं होंगी।

अनुराग ठाकुर ने क्या कहा

भाजपा सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि प्रियंका गांधी गंभीर विषयों पर भी मुस्कुराकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि देश के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

अनुराग ठाकुर ने सदन में कहा कि प्रोफेसर वी. कामकोटि आईआईटी मद्रास के निदेशक हैं, इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे वैज्ञानिकों का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उनका उपहास उड़ाया जाना चाहिए।

परीक्षा सुधार समिति में भी हैं शामिल

भाजपा सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि प्रोफेसर वी. कामकोटि परीक्षा सुधार से संबंधित समिति के सदस्य हैं। इस समिति में उद्योग जगत की प्रमुख हस्ती नंदन नीलेकणि भी शामिल हैं। सरकार ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार के उद्देश्य से इस समिति का गठन किया है।

गांधी परिवार पर साधा राजनीतिक निशाना

अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे भारत की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझने का प्रयास नहीं करते, बल्कि उनका उपहास उड़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर दुनिया शोध कर रही है, कांग्रेस उन्हीं विषयों पर तंज कसने का काम करती है।

उन्होंने कहा कि कोई वैज्ञानिक यदि आधुनिक विज्ञान के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों का भी अध्ययन करता है तो उसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। वैज्ञानिक होने का अर्थ यह नहीं है कि व्यक्ति अपनी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं से पूरी तरह अलग हो जाए।

आधुनिक विज्ञान और परंपरा का दिया उदाहरण

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रोफेसर वी. कामकोटि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों के विशेषज्ञ हैं। साथ ही यदि वे भारतीय परंपरा से जुड़े किसी विषय पर अध्ययन करते हैं तो इसे गलत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोध और अध्ययन का दायरा व्यापक होता है और वैज्ञानिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर सकते हैं।

प्रियंका और राहुल गांधी का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन के दौरान अनुराग ठाकुर ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि प्रियंका गांधी इस विषय पर अलग दृष्टिकोण रखेंगी, लेकिन आईआईटी मद्रास के निदेशक पर की गई टिप्पणी के बाद उन्हें लगा कि दोनों भाई-बहन की सोच में कोई विशेष अंतर नहीं है। उन्होंने अपने भाषण में राहुल गांधी का भी उल्लेख करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की।

संसद में राजनीतिक बहस तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस और अधिक तेज हो गई। भाजपा ने कांग्रेस पर देश के वैज्ञानिकों और भारतीय परंपराओं का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस की ओर से पहले की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी रही। इस घटनाक्रम ने संसद की कार्यवाही के दौरान शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और भारतीय परंपराओं को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया।