erer | Source: rererकोलकाता। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संदिग्ध आतंकी हामिम मंडल की कथित सहयोगी और गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट से मिले सुरागों के आधार पर एक ऐसे कथित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है, जिसके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े होने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या दिल्ली के जंतर-मंतर में अशांति फैलाने की कोई योजना बनाई गई थी।

पूर्वी बर्दवान से हुई थी हामिम मंडल की गिरफ्तारी

STF के अनुसार, हामिम मंडल को शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान से जुड़े कथित हैंडलर्स के संपर्क में था।

जांच एजेंसी का दावा है कि उसे निर्देश दिया गया था कि वह पुलिस की वर्दी खरीदे और पुरुषों एवं महिलाओं के एक समूह के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। वहां कथित रूप से अशांति फैलाने की योजना की जांच की जा रही है। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस योजना को अमल में लाने के लिए कोई टीम तैयार की गई थी।

इंस्टाग्राम चैट से अर्पिता सरकार तक पहुंची STF

जांच के दौरान STF को हामिम मंडल और अर्पिता सरकार के बीच इंस्टाग्राम पर हुई बातचीत के कथित साक्ष्य मिले। इन्हीं चैट के आधार पर अर्पिता सरकार को हिरासत में लिया गया।

शनिवार को उसे बर्दवान की अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 13 दिनों की STF रिमांड पर भेज दिया। जांच एजेंसियां अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही हैं।

कथित हनी-ट्रैप नेटवर्क की भी हो रही जांच

जांच अधिकारियों को संदेह है कि अर्पिता सरकार कथित हनी-ट्रैप नेटवर्क का भी हिस्सा हो सकती है। STF इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या उसका इस्तेमाल प्रभावशाली व्यक्तियों और राजनेताओं से संपर्क स्थापित करने के लिए किया जाता था।

हालांकि, इन सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है और एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

भर्ती नेटवर्क तैयार करने का आरोप

पुलिस का दावा है कि हामिम मंडल पिछले चार से पांच महीनों से कथित तौर पर एक भर्ती नेटवर्क तैयार करने में लगा हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह युवाओं को जोड़ने, महत्वपूर्ण व्यक्तियों, वीआईपी और भाजपा नेताओं से संबंधित जानकारी जुटाने तथा कथित नेटवर्क को मजबूत करने का प्रयास कर रहा था।

इन दावों की पुष्टि के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए होती थी बातचीत

STF के अनुसार, हामिम मंडल और उसके कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स के बीच बातचीत व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, एलिमेंट एक्स और सेशन जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से होती थी।

जांच एजेंसियां इन डिजिटल माध्यमों से प्राप्त डाटा का विश्लेषण कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा सके।

चार कथित पाकिस्तानी हैंडलर्स की पहचान का दावा

STF ने जांच के दौरान पाकिस्तान में मौजूद चार कथित हैंडलर्स की पहचान अबीर जाट333, उजैर, राणा और हम्माद के रूप में होने का दावा किया है।

अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में इन लोगों के कथित रूप से पाकिस्तान के शहज़ाद भट्टी गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। जांच एजेंसियां इस संबंध में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।

विदेशी सिम कार्ड के इस्तेमाल की भी जांच

STF का कहना है कि जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि संपर्क बनाए रखने के लिए ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्ड का कथित रूप से उपयोग किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, पूरे मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

जांच अभी जारी, कई पहलुओं की पड़ताल

STF का कहना है कि पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया चैट, एन्क्रिप्टेड संदेशों और अन्य तकनीकी जानकारियों की गहन जांच की जा रही है। एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित नेटवर्क कितना बड़ा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और इसकी गतिविधियां किस स्तर तक पहुंच चुकी थीं।