आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा शासित राज्यों में होने वाली बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि जिन लोगों के घर बुलडोजर कार्रवाई में तोड़े गए हैं, उनमें केवल 10 फीसदी मुसलमान हैं, जबकि 90 फीसदी हिंदू समुदाय से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारों की नीतियों का सबसे अधिक असर हिंदुओं पर ही पड़ा है।

Sanjay Singh | Source: Pinterest

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बुलडोजर कार्रवाई को लेकर क्या बोले संजय सिंह?

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल अक्सर सरकार पर मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान संजय सिंह ने इस मुद्दे पर अलग दृष्टिकोण पेश किया।

उन्होंने कहा कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग अक्सर सख्त कार्रवाई की बातें करते हैं और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कुछ लोग इसका जश्न भी मनाते हैं। संजय सिंह के मुताबिक, चार मुसलमानों के घरों पर कार्रवाई होने के बाद लोग इसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या हिंदुओं की है।

काशी और अयोध्या में देखिए बुलडोजर प्रकोप

राज्यसभा सांसद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बुलडोजर कार्रवाई के प्रभाव को समझना चाहता है तो उसे काशी और अयोध्या जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि काशी में हजारों हिंदुओं के घर और सैकड़ों प्राचीन मंदिर प्रभावित हुए हैं। वहीं अयोध्या में भी बड़ी संख्या में लोगों के घर विकास परियोजनाओं के दौरान हटाए गए हैं।

जब उनसे पूछा गया कि ये कार्रवाई विकास कार्यों के लिए की गई थी, तो उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो फिर इसे केवल मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई बताकर प्रचारित क्यों किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश के आंकड़े सामने आएं तो बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित लोगों में 90 फीसदी हिंदू और 10 फीसदी मुसलमान मिलेंगे।

दिल्ली में 12 लाख मकान टूटने का दावा

संजय सिंह ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि मद्रासी कैंप और शालीमार बाग जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के घर तोड़े गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्वांचल के लोगों को भी प्रभावित किया गया और भविष्य में यमुना किनारे बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

सांसद ने दावा किया कि करावल नगर से लेकर बदरपुर तक लगभग 12 लाख मकान प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के तहत स्कूलों और अस्पतालों को भी नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही उन्होंने भाजपा पर शिक्षा और अन्य जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।