रोहतास (बिहार): बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र का जोगिया गांव इन दिनों हत्या, हिंसा और बढ़ते सामाजिक तनाव के बीच सुर्खियों में है। बुजुर्ग मजदूर चंदेश्वर चौधरी की हत्या के बाद इलाके में भड़की हिंसा ने मामले को और गंभीर बना दिया है। बकाया मजदूरी के पैसे मांगने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दो पक्षों के बीच टकराव और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती में बदल गया है। हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आक्रोशित लोगों ने मुख्य आरोपी के घर में आगजनी की, जिसके बाद अब दूसरे पक्ष के लोगों की लामबंदी से तनाव और बढ़ गया है।
बकाया मजदूरी मांगने पर हत्या का आरोप
मामले की शुरुआत 60 वर्षीय मजदूर चंदेश्वर चौधरी की हत्या से हुई। बताया जा रहा है कि चंदेश्वर चौधरी का मुख्य आरोपी अजीत तिवारी के यहां मजदूरी का पैसा बकाया था। आरोप है कि बकाया मजदूरी मांगने के लिए जब चंदेश्वर अजीत तिवारी के घर पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव को छिपाने के उद्देश्य से पास की नहर में फेंक दिया गया। कई दिनों तक चंदेश्वर चौधरी के लापता रहने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तलाश शुरू की। एसडीआरएफ की टीम ने अभियान चलाकर नहर से उनका शव बरामद किया। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत तिवारी और उसके बेटे ऋतिक तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया है। हालांकि, हत्या के बाद इलाके में दबा हुआ आक्रोश खुलकर सामने आ गया।

हत्या के बाद भड़की हिंसा, घर और वाहन फूंके
चंदेश्वर चौधरी का शव मिलने के बाद जोगिया गांव में लोगों का गुस्सा बढ़ गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक आरोपी के घर के बाहर जमा हो गए। इसके बाद भीड़ ने मुख्य आरोपी अजीत तिवारी के घर पर हमला कर दिया और मकान में आग लगा दी। आगजनी में घर के परिसर में खड़े चार ट्रैक्टर, एक हार्वेस्टर, एक कार और एक मोटरसाइकिल जलकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना ने हत्या के विरोध में चल रहे आक्रोश को हिंसक रूप दे दिया। पीड़ित पक्ष की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि हिंसा के दौरान घर में मौजूद महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है।

बक्सर-भोजपुर से पहुंचे समर्थक, गांव में बढ़ा तनाव
आगजनी और महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी की घटना के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। अजीत तिवारी के समर्थन में पड़ोसी जिलों बक्सर और भोजपुर से भी बड़ी संख्या में लोग जोगिया गांव पहुंचने लगे। समर्थकों ने मौके पर पहुंचकर जले हुए मकान और संपत्ति का जायजा लिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान गांव में कुछ उग्र और जातिगत नारे लगाए जाने की भी बात सामने आई, जिससे इलाके में पुराने सामाजिक तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। समर्थकों का कहना है कि चंदेश्वर चौधरी की हत्या के आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन घर में आग लगाने और महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले में दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप के बीच प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। बढ़ते तनाव को देखते हुए जोगिया गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है और किसी भी तरह की नई हिंसा को रोकने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
