NEET-UG 2026 की री-एग्जाम परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि असली अभ्यर्थियों की जगह मेडिकल छात्र परीक्षा देने के लिए 30 से 40 लाख रुपये तक की डील कर रहे थे। इस मामले में PMCH, AIIMS रायबरेली, BHU और गया मेडिकल कॉलेज के छात्रों समेत कुल 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में बायोमेट्रिक जांच से जुड़ी कंपनी के 18 कर्मचारी भी शामिल हैं। इस खुलासे ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


तीन परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी, 30 आरोपी गिरफ्तार

लखीसराय पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य अहम सबूत बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि संगठित तरीके से फर्जी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा था।


40 लाख रुपये तक में तय होती थी डील

पुलिस के अनुसार सॉल्वर गैंग मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को परीक्षा में बैठाने के लिए 30 से 40 लाख रुपये तक वसूल रहा था। अभ्यर्थियों की जगह प्रशिक्षित मेडिकल छात्र परीक्षा देकर उन्हें मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का काम कर रहे थे।


PMCH का छात्र निकला मास्टरमाइंड नेटवर्क का हिस्सा

जांच में सामने आया कि मयंक कश्यप के नाम पर परीक्षा देते पकड़ा गया युवक वास्तव में अश्विनी कुमार है, जो PMCH के 2022 बैच का MBBS छात्र है। सूत्रों के मुताबिक वह पिछले तीन वर्षों से सॉल्वर नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।


फर्जी बायोमेट्रिक और फर्जी उपस्थिति का भी शक

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों की मदद से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश कर रहे थे। वहीं PMCH प्रशासन को छात्र की उपस्थिति रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी मिली है, जिससे कॉलेज के अंदरूनी सहयोग की आशंका जताई जा रही है।


पहले भी CBI की जांच में आ चुका है नाम

सॉल्वर गैंग के कथित सरगना अर्पित राज का नाम इससे पहले 2024 के NEET पेपर लीक मामले में भी सामने आ चुका है। उस दौरान CBI उससे कई बार पूछताछ कर चुकी थी। अब एक बार फिर उसका नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां पुराने मामलों को भी खंगाल रही हैं।


हाजीपुर में भी पकड़ा गया फर्जी परीक्षार्थी

री-NEET परीक्षा के दौरान हाजीपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी मिलने के बाद एक फर्जी परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया गया। नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जांच में जुटी पुलिस और प्रशासन

लखीसराय SP प्रेरणा ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने अभ्यर्थियों ने इस अवैध नेटवर्क का सहारा लिया।