राम मंदिर को दिए गए दान पर सवाल उठाते हुए शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत। | Source: Social media

राम मंदिर को दिए गए दान पर सवाल उठाते हुए शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत।Source : Social media

अयोध्या के राम मंदिर को लेकर एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बार मामला मंदिर निर्माण के लिए दिए गए दान से जुड़ा है। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि उनकी पार्टी की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए 4 किलो चांदी और 1 करोड़ रुपये का दान दिया गया था, लेकिन आज तक इसकी कोई रसीद नहीं मिली। उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए मंदिर ट्रस्ट से जवाब मांगा है। राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।

राम मंदिर ट्रस्ट से मांगा जवाब

राउत ने कहा कि जब किसी व्यक्ति या संस्था की ओर से मंदिर निर्माण के लिए दान दिया जाता है, तो उसकी रसीद और रिकॉर्ड होना चाहिए। उनका कहना है कि अगर दान स्वीकार किया गया है, तो उसका पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

दान को लेकर क्यों उठे सवाल?

संजय राउत का कहना है कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि पारदर्शिता के लिए उठाया गया है। उनके मुताबिक, राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए मंदिर निर्माण के लिए मिले हर दान का रिकॉर्ड साफ और सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दान की रसीद ही नहीं दी जाएगी, तो लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।

ट्रस्ट की ओर से क्या कहा गया?

फिलहाल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से संजय राउत के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ट्रस्ट पहले भी कह चुका है कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी वित्तीय लेन-देन निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत किए जाते हैं। हालांकि, राउत के नए दावे के बाद इस मामले पर ट्रस्ट की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

राजनीति हुई तेज

संजय राउत के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्षी दल इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट अपने नियमों के अनुसार काम करता है और दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।