नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत के बजाय महंगाई की नई चिंता लेकर आई है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई चीजों के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। चीनी, प्याज और अंडे की कीमतों में तेजी के साथ दूध, रसोई गैस और गैस ईंधन के दामों में भी बढ़ोतरी का असर दिखाई दे रहा है। ऐसे में महीने की शुरुआत में ही परिवारों के खर्च का हिसाब बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।
चीनी के भाव में फिर उछाल, कई शहरों में कीमतें बढ़ीं
उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग शहरों में चीनी की खुदरा कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में चीनी का भाव करीब 62 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। मुंबई में यह 65 रुपये, चेन्नई में 61 रुपये और कोलकाता में 66 रुपये किलो तक पहुंच गया है। वहीं रांची में चीनी की कीमत 68 रुपये प्रति किलो तक बताई गई है।
कुछ दिन पहले तक कई बाजारों में चीनी की कीमत इससे कम थी। ऐसे में अचानक बढ़े भाव ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। रोजाना चाय, नाश्ते और घरेलू इस्तेमाल में चीनी की खपत होने के कारण इसके दाम बढ़ने का सीधा असर परिवार के मासिक बजट पर पड़ता है।
प्याज के दाम में भी तेजी, कई शहरों में 50 रुपये के पार
सब्जियों के बाजार में भी प्याज ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिल्ली में प्याज की कीमत करीब 58 रुपये किलो तक पहुंच गई है। मुंबई में इसका भाव 52 रुपये, जबकि कोलकाता और चेन्नई में करीब 60 रुपये किलो तक बताया गया है। हालांकि रांची में प्याज की कीमत लगभग 38 रुपये किलो है।
इसके मुकाबले आलू की कीमत कई शहरों में अपेक्षाकृत कम है। दिल्ली में आलू करीब 22 रुपये किलो बिक रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सस्ता बताया गया है। मुंबई में आलू 28 रुपये, कोलकाता में 15 रुपये, चेन्नई में 40 रुपये और रांची में करीब 20 रुपये किलो दर्ज किया गया है।
पुराना प्याज स्टॉक खत्म होने का असर
प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे इसकी मौसमी उपलब्धता को एक अहम वजह माना जाता है। देश में रबी प्याज की फसल का भंडारण लंबे समय तक बाजार की जरूरत पूरी करता है। आमतौर पर अक्टूबर तक पुराने भंडारित प्याज की आपूर्ति बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस बार पुराने स्टॉक पर दबाव बढ़ने और नई फसल की आवक का इंतजार होने के कारण बाजार में कीमतों पर असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में नई आवक बढ़ने पर प्याज की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
टमाटर ने जरूर दी थोड़ी राहत
जहां प्याज की कीमत लोगों को परेशान कर रही है, वहीं टमाटर के मामले में तस्वीर कुछ बेहतर है। पिछले साल की तुलना में कई शहरों में टमाटर के दाम नीचे आए हैं।
दिल्ली में टमाटर की कीमत करीब 43 रुपये किलो बताई गई है, जबकि पहले यह 52 रुपये थी। मुंबई में भाव 60 रुपये से घटकर करीब 32 रुपये किलो हो गया। चेन्नई में भी कीमत 45 रुपये से घटकर लगभग 30 रुपये किलो पहुंच गई। हालांकि कोलकाता में इसके दाम पिछले साल के 30 रुपये से बढ़कर करीब 45 रुपये किलो बताए गए हैं।
अंडे के दाम भी बढ़े, सर्दियों में और चढ़ने की आशंका
अंडे की कीमतों ने भी आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं दी है। नेशनल एग को-ऑर्डिनेशन कमिटी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल के दौरान अंडे की कीमतों में लगभग 35 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
उत्पादक स्तर पर एक अंडे की कीमत करीब 7 रुपये बताई जा रही है, जबकि खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को इसके लिए लगभग 8.50 से 9 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सर्दियों में अंडों की मांग आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में पोल्ट्री क्षेत्र से जुड़े लोगों को आशंका है कि ठंड बढ़ने के साथ कीमतों पर फिर दबाव आ सकता है।
दूध और रसोई गैस ने भी बढ़ाया घरेलू खर्च
महंगाई का असर केवल खाद्य वस्तुओं तक सीमित नहीं है। दूध की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा व्यावसायिक उपयोग वाले 19 किलोग्राम के रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में भी वृद्धि दर्ज की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत में करीब 9.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद नया भाव 2747.50 रुपये बताया गया है।
कुछ समय पहले सीएनजी की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई थी और अब पाइप से मिलने वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी की कीमत बढ़ने का असर भी उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में एक साथ बदलाव होने से घरों के मासिक खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
हवाई सफर भी हुआ महंगा होने की राह पर
महंगाई का असर परिवहन क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। विमान ईंधन यानी एटीएफ की कीमत में लगातार दूसरे महीने वृद्धि की गई है। घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमत में 5.46 प्रतिशत यानी करीब 6.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी बताई गई है।
इसके बाद एटीएफ की कीमत लगभग 115 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विमान ईंधन की लागत बढ़ने से आगे चलकर हवाई यात्रा के किराये पर भी असर पड़ने की संभावना रहती है।
सितंबर की शुरुआत ने बढ़ाई आम आदमी की चिंता
कुल मिलाकर सितंबर की शुरुआत में खाद्य सामग्री, दूध, गैस और ईंधन से जुड़े कई मोर्चों पर कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। चीनी का 68 रुपये किलो तक पहुंचना, प्याज का कई शहरों में 50 से 60 रुपये के आसपास होना और अंडे की कीमतों में सालाना तेज बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि टमाटर और कुछ अन्य सब्जियों की कीमतों में राहत दिखाई दे रही है, लेकिन रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं के महंगे होने से उपभोक्ताओं पर खर्च का दबाव बढ़ा हुआ है। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक और बाजार में आपूर्ति की स्थिति यह तय करेगी कि इन वस्तुओं की कीमतों में राहत मिलती है या महंगाई का यह सिलसिला आगे भी जारी रहता है।
