राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला | Source: Social media

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला Source : Social media

अयोध्या का राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। हर दिन यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने आते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार दान व चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। ऐसे में जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया, तो इसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा शुरू हो गई।इसी मामले में अब एक नया मोड़ आया है। चढ़ावा चोरी के आरोप में गिरफ्तार आठ लोगों के खिलाफ पुलिस की जांच जारी है। इस बीच अयोध्या के वकीलों ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वे इस मामले के आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे। उनका कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए वे आरोपियों का पक्ष अदालत में नहीं रखेंगे। वकीलों के इस फैसले के बाद यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

आरोपियों की पैरवी से किया इनकार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या के वकीलों ने सख्त रुख अपनाया है। उनका कहना है कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए वे इस केस में गिरफ्तार आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेंगे। वकीलों का मानना है कि अगर मंदिर के चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है, तो यह बेहद गंभीर मामला है और ऐसे आरोपियों का बचाव करना उचित नहीं होगा। इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेने के लिए फैजाबाद बार एसोसिएशन की आम सभा की बैठक बुलाई गई है।

बार एसोसिएशन ने क्या कहा?

फैजाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस घटना से अयोध्या ही नहीं, बल्कि देशभर के राम भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि अधिकांश अधिवक्ताओं की राय है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों का केस नहीं लड़ना चाहिए। वहीं, एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने बताया कि इस मुद्दे पर आम सभा की बैठक में चर्चा होगी और उसके बाद आधिकारिक रूप से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

2005 की घटना का भी किया जिक्र

बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अयोध्या के वकीलों ने किसी मामले में सामूहिक फैसला लिया हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकी हमले के बाद भी स्थानीय अधिवक्ताओं ने आरोपियों की पैरवी करने से इनकार कर दिया था। उनका कहना है कि जब भी मामला राम मंदिर और लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा होता है, तब अयोध्या के वकील हमेशा एकजुट होकर फैसला लेते हैं। इस बार भी अधिकांश अधिवक्ताओं की राय इसी दिशा में है।

पुलिस की जांच लगातार जारी

दूसरी ओर, पुलिस भी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच टीम गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के घरों पर तलाशी अभियान चलाया है और उनकी संपत्तियों व अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े हर सबूत को सावधानी से इकट्ठा किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।