
राजस्थान में अगली सरकार को लेकर बयान देते अशोक गहलोत।Source : Chrome
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भजनलाल शर्मा सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में सुशासन की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि यदि मौजूदा हालात ऐसे ही रहे तो अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी। साथ ही उन्होंने पेपर लीक कानून और राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा।
भजनलाल सरकार पर गहलोत का हमला
जयपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार की कार्यशैली को लेकर गांव से लेकर शहर तक चर्चा हो रही है। उनके अनुसार, यदि शासन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो इसका सबसे बड़ा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ेगा।
'सुशासन दीजिए, पांच साल पूरा कीजिए'
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि वर्तमान सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे, लेकिन जनता को बेहतर प्रशासन भी मिले। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सुशासन देती है तो किसी को आपत्ति नहीं होगी, लेकिन अगले चुनाव में कांग्रेस की वापसी को लेकर उन्हें पूरा भरोसा है।
पेपर लीक कानून पर भी उठाए सवाल
लोकसभा से पारित एंटी पेपर लीक विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि यह कदम केंद्र सरकार की छवि बचाने की कोशिश जैसा है। उनका कहना था कि यदि इस कानून को विपक्षी दलों से चर्चा और सुझाव लेकर तैयार किया जाता तो यह और अधिक प्रभावी बन सकता था।
आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस का रिश्ता बताया मजबूत
इस दौरान पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ गहलोत से मिले। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और आदिवासी समाज का संबंध स्वतंत्रता आंदोलन के समय से मजबूत रहा है और पार्टी हमेशा उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।
नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देकर सरकार पर निशाना
गहलोत ने दावा किया कि नीति आयोग के विभिन्न सूचकांकों ने राज्य सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर उजागर कर दिया है। उनके अनुसार, वित्तीय प्रबंधन, संस्थागत माहौल और कारोबारी वातावरण जैसे क्षेत्रों में राजस्थान की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर हुई है।
निर्यात और निवेश को लेकर भी सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय प्रदर्शन के मामले में राजस्थान 17 राज्यों में 15वें स्थान पर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य का निर्यात 2023-24 के 10.11 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 में 7.17 अरब डॉलर रह गया। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने एमएसएमई अधिनियम और राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) जैसी योजनाओं के जरिए उद्योगों को बढ़ावा दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार उस आधार को आगे बढ़ाने के बजाय प्रचार और आयोजनों तक सीमित रह गई है।
