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Petrol and Diesel Prices Today 27 June: इस हफ़्ते इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और सप्लाई नॉर्मल होने की उम्मीद से ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों में 10 परसेंट की गिरावट आई है। आमतौर पर जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तो लोग उम्मीद करते हैं कि पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कम होंगी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। सरकारी तेल कंपनियों ने 27 जून के लिए भी फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में गाड़ी चलाने वालों को आज भी पुराने रेट पर ही पेट्रोल और डीज़ल खरीदना होगा। आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में पेट्रोल और डीज़ल का लेटेस्ट प्राइस क्या है और कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद ग्राहकों को राहत क्यों नहीं मिल रही है।
आज 27 जून को आपके शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम
दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये, डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये, डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये, डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर
नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 97.56 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ: पेट्रोल 101.89 रुपये, डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़: पेट्रोल 101.51 रुपये, डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर
पटना: पेट्रोल 113.37 रुपये, डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर
क्रूड ऑयल सस्ता क्यों हुआ?
इस हफ़्ते, दुनिया भर में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ी से गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड लगभग $72.60 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US WTI क्रूड $69.23 प्रति बैरल पर आ गया। हफ़्ते के दौरान, ब्रेंट क्रूड लगभग 10.86 परसेंट और WTI लगभग 9.62 परसेंट गिरा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और सप्लाई में रुकावट का खतरा कम होने से बाज़ार में राहत की भावना पैदा हुई, जिसका सीधा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा।
पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें क्यों नहीं गिर रही हैं?
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बावजूद, भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें तुरंत नहीं गिरती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ इंटरनेशनल कीमतों के आधार पर रोज़ाना रेट तय नहीं करती हैं। कीमतें कई बातों को ध्यान में रखकर तय की जाती हैं, जिसमें पिछले 15 दिनों से एक महीने तक क्रूड ऑयल की औसत कीमत, डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, रिफाइनिंग कॉस्ट, ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स शामिल हैं। इसके अलावा, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी कंपनियाँ पेट्रोल पर अच्छा मार्जिन कमा रही हैं, जबकि डीज़ल पर मुनाफ़ा काफ़ी कम है। इसलिए, अभी कीमतें कम नहीं की गई हैं।
देश की इकॉनमी को क्या फ़ायदा होगा?
भारत अपनी ज़रूरत का 88% से ज़्यादा कच्चा तेल विदेश से इंपोर्ट करता है। इसलिए, अगर इंटरनेशनल तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं, तो देश का इंपोर्ट बिल कम हो सकता है। इससे महंगाई का दबाव कम होने, रुपये के मज़बूत होने और ट्रांसपोर्ट, एविएशन, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, केमिकल्स और FMCG जैसे कई सेक्टर को फ़ायदा होने की संभावना है। इससे भविष्य में आम कंज्यूमर्स को भी इनडायरेक्टली राहत मिल सकती है।
क्या आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल सस्ता होगा?
फ़िलहाल, तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में किसी कमी का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, अगर इंटरनेशनल कच्चे तेल की कीमतें कुछ और समय तक कम रहती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें कम हो सकती हैं। अभी, गाड़ी चलाने वालों को पुराने रेट पर ही फ्यूल खरीदना होगा, लेकिन मार्केट की नज़र अब तेल कंपनियों के अगले फ़ैसले पर है।
