सड़क पर चलते समय लोग ट्रैफिक, तेज रफ्तार और दुर्घटनाओं से बचने की कोशिश करते हैं, लेकिन पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में जो हुआ उसने सड़क सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। एक अवैध 'जुगाड़ रेहड़ी' पर बिना सुरक्षा उपायों के रखा लोहे का लंबा सरिया एक व्यक्ति के शरीर को चीरते हुए आर-पार निकल गया। यह भयावह हादसा न केवल लोगों को झकझोर गया, बल्कि सड़कों पर बिना नियमों के दौड़ रहे वाहनों और प्रशासनिक लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया। घायल की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में जारी है।
लापरवाही बनी जानलेवा, सड़क पर मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब राजपुरा क्षेत्र में एक बिना नंबर की जुगाड़ रेहड़ी सड़क पर चल रही थी। रेहड़ी पर लंबा लोहे का सरिया बिना किसी सुरक्षा कवर या चेतावनी संकेत के रखा गया था। अचानक संतुलन बिगड़ने या दूरी कम होने के कारण वही सरिया एक व्यक्ति के शरीर में घुस गया और दूसरी ओर निकल गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल को संभाला और सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों की चेतावनी: कुछ सेंटीमीटर इधर-उधर होता तो बचाना मुश्किल था
चिकित्सकों के अनुसार घायल के शरीर में धंसा सरिया बेहद संवेदनशील अंगों के बेहद करीब से होकर गुजरा है। यदि सरिए का कोण थोड़ा भी बदल जाता तो किडनी, लीवर या अन्य महत्वपूर्ण अंग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकते थे और मौके पर ही जान जाना तय था। डॉक्टरों की टीम लगातार घायल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही किस तरह पलभर में जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी तय कर सकती है।
अवैध जुगाड़ रेहड़ियों पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि शहर और आसपास के इलाकों में बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और सुरक्षा मानकों के जुगाड़ रेहड़ियां खुलेआम चल रही हैं। इन वाहनों पर अक्सर लोहे के सरिए, पाइप और अन्य भारी सामान बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के लाद दिया जाता है, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की जान हमेशा खतरे में रहती है। लोगों ने प्रशासन से ऐसी रेहड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल, नियमों के पालन की जरूरत
राजपुरा की यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारी और नुकीले सामान के परिवहन के लिए स्पष्ट सुरक्षा मानक लागू किए जाने चाहिए और उनका कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए। यदि प्रशासन समय रहते अवैध वाहनों और लापरवाही से सामान ढोने वालों पर कार्रवाई नहीं करता, तो ऐसे हादसे भविष्य में और भी भयावह रूप ले सकते हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि इस घटना के बाद प्रशासन केवल जांच तक सीमित रहता है या सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम भी उठाता है।
