पंजाब के लुधियाना में सड़क धंसने की एक घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। शहर के पॉश इलाके किचलू नगर में सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक नीचे धंस गया। देखते ही देखते वहां कई फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सड़क को बंद कर दिया। आसपास के इलाके में लोगों और वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। सड़क के बिल्कुल पास मौजूद एक मकान को भी सुरक्षा के लिहाज से खाली कराया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है।
यह घटना किचलू नगर के बी ब्लॉक में जोगिंदरपाल पांडे मार्ग पर हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया और वहां बड़ा गड्ढा बन गया। कुछ रिपोर्टों में गड्ढे की गहराई करीब 20 फीट बताई गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में यह करीब 30 फीट तक बताई गई है।
घटना के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। लुधियाना नगर निगम के आयुक्त ओजस्वी अलंकार ने भी मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क धंसने की असली वजह का पता लगाने के लिए इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जांच कर रही है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सड़क आखिर किस वजह से इतनी तेजी से धंसी।
इस घटना ने एक और वजह से लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी इलाके में कुछ दिन पहले सड़क का एक हिस्सा धंस चुका था और उसकी मरम्मत की गई थी। अब उसके कुछ ही कदम दूर सड़क का दूसरा हिस्सा धंस गया। इससे सड़क की मजबूती और मरम्मत के काम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने प्रभावित हिस्से को बैरिकेडिंग करके बंद कर दिया है। लोगों को इस रास्ते से दूर रहने की सलाह दी गई है। वाहनों की एंट्री भी रोक दी गई है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि सड़क धंसने के समय वहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। अगर सड़क का हिस्सा उस समय धंसता जब वहां वाहन या लोग मौजूद होते, तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। तकनीकी टीम सड़क के नीचे की स्थिति, पानी या सीवरेज लाइन और जमीन की मजबूती समेत कई पहलुओं की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि सड़क अचानक इतनी गहराई तक क्यों धंसी।
फिलहाल किचलू नगर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रभावित सड़क पर आवाजाही बंद है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और जांच के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
