नई दिल्ली। संसद परिसर में शुक्रवार को उस समय अलग नज़ारा देखने को मिला, जब विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चंदा मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में दिखाई दिए। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने इस सांकेतिक नाटक में हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान एक पात्र को मंदिर के पुजारी के रूप में दिखाया गया, जबकि अन्य सांसदों ने श्रद्धालुओं की भूमिका निभाई। राहुल गांधी ने सांकेतिक रूप से दान भी चढ़ाया। इसके बाद नाटक में यह दिखाया गया कि दान की राशि कथित तौर पर चोरी हो जाती है। विपक्ष का कहना था कि यह प्रदर्शन राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया गया था।
यह पूरा घटनाक्रम संसद परिसर में कुछ ही मिनटों तक चला, लेकिन इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई। समर्थकों ने इसे भ्रष्टाचार के आरोपों पर सवाल उठाने का तरीका बताया, जबकि विरोधियों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल करार दिया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि उन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करना था जो हाल के दिनों में सार्वजनिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनका कहना है कि यदि करोड़ों श्रद्धालुओं के चंदे को लेकर सवाल उठे हैं तो पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जांच होना जरूरी है।
दूसरी ओर, भाजपा और उसके नेताओं ने इस प्रदर्शन की आलोचना की। उनका कहना है कि संसद परिसर को इस तरह के सांकेतिक नाटकों का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए और धार्मिक विषयों पर राजनीति से बचना चाहिए। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने इसकी शैली पर सवाल उठाए। वीडियो के वायरल होने के बाद यह मुद्दा पूरे दिन चर्चा में बना रहा।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहने की संभावना है। वहीं, राम मंदिर चंदा मामले से जुड़े आरोपों की जांच और उस पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है.
