राज्यसभा में हंगामे के दौरान विपक्षी नेताओं की नारेबाजी। | Source: Chrome

राज्यसभा में हंगामे के दौरान विपक्षी नेताओं की नारेबाजी।Source : Chrome

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। पहले ही दिन राज्यसभा में पेपर लीक और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।

पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा

राज्यसभा की कार्यवाही नए सदस्यों के शपथ ग्रहण और दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू हुई। इसके बाद जैसे ही जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे गए, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर परीक्षाएं सही तरीके से नहीं कराई जा सकतीं, तो सत्ता छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया।

राम मंदिर चंदा और NEET पर विपक्ष के तीखे सवाल

बहस के दौरान खड़गे ने राम मंदिर चंदा मामले का भी उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा। उनका कहना था कि इस पूरे मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए।वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार परीक्षा संबंधी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं और छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार ने खुद निगरानी का दावा किया था, तब भी ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं। प्रियंका गांधी ने संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा और प्रधानमंत्री से जवाब की मांग की।

छह बार बाधित हुई कार्यवाही

विपक्ष की लगातार नारेबाजी के चलते सभापति को कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पहले सदन को दोपहर 12 बजे तक रोका गया, फिर 12:30 बजे, 12:50 बजे और उसके बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगन करना पड़ा। हर बार कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करता रहा।

डिप्टी चेयरमैन की अपील भी बेअसर

दोपहर बाद कार्यवाही शुरू होने पर डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और चर्चा के जरिए अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद बहस के लिए है और लगातार हंगामे से महत्वपूर्ण कामकाज प्रभावित हो रहा है।हालांकि, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी और अपनी सीटों पर नहीं लौटे। कई बार समझाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई। आखिरकार लगातार बाधित होती कार्यवाही को देखते हुए डिप्टी चेयरमैन ने राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।