
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही, जिसमें राहुल गांधी बहस में हिस्सा लेते हुए।Source : Check
एंटी पेपर लीक बिल पर संसद में जारी बहस बुधवार को निर्णायक चरण में पहुंचने वाली है। लोकसभा में इस विधेयक पर चर्चा आगे बढ़ेगी और बहस पूरी होने के बाद मतदान कराए जाने की संभावना है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगे। यदि बिल लोकसभा से पारित हो जाता है, तो इसे अगले चरण के लिए राज्यसभा भेजा जाएगा।
आज फिर शुरू होगी लोकसभा में चर्चा
बुधवार को दोपहर से लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा दोबारा शुरू होगी। सरकार इस विधेयक को जल्द पारित कराना चाहती है ताकि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़े और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त नियंत्रण किया जा सके। चर्चा पूरी होने के बाद सदन में बिल पर वोटिंग कराई जा सकती है।
राहुल गांधी भी रखेंगे अपना पक्ष
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस बहस में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि वह छात्रों, युवाओं, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांग सकते हैं। उनके भाषण पर सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की नजर रहेगी।
सदन में सरकार और विपक्ष आमने-सामने
बिल पर हुई शुरुआती चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि पहले भी कई कानून बनाए गए, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं पूरी तरह नहीं रुक सकीं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि केवल नया कानून बना देने से व्यवस्था में बदलाव की गारंटी नहीं मिलती।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को लेकर सवाल उठाए और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को निशाने पर लिया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के मुद्दों से दूर होती जा रही है।
सरकार ने बिल का किया बचाव
सरकार की ओर से अनुराग ठाकुर ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर हमला है और इससे सख्ती से निपटना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुराने कानून में संशोधन कर उसे और प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि परीक्षा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
नड्डा और खड़गे की मुलाकात रही चर्चा में
संसद के भीतर बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बाहर एक अलग तस्वीर भी देखने को मिली। राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा अध्यक्ष और सदन के नेता जेपी नड्डा तथा विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे संसद की कैंटीन में साथ बैठकर चाय पीते नजर आए। दोनों नेताओं की यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई।
अब वोटिंग पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर लोकसभा में होने वाली वोटिंग पर है। यदि यह विधेयक निचले सदन से पारित हो जाता है, तो सरकार इसे राज्यसभा में पेश करेगी। इसके बाद तय होगा कि परीक्षा प्रणाली में बदलाव से जुड़े इस प्रस्तावित कानून की आगे की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
