erer | Source: rereनई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला एक बार फिर अपने सहयोगी दल कांग्रेस से अलग रुख को लेकर चर्चा में हैं। मंगलवार को उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीति और नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने BRICS घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने को भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया।

BRICS घोषणापत्र में पहलगाम हमले का जिक्र क्यों बताया अहम?

उमर अब्दुल्ला ने खास तौर पर BRICS नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले को शामिल किए जाने की बात कही। उनका कहना है कि इस घोषणा में पहलगाम हमले की निंदा होना अपने आप में भारत की विदेश नीति की सफलता है।

भारत ने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के नेता शामिल हुए थे। उमर अब्दुल्ला ने इसी संदर्भ में कहा कि जिन देशों के पाकिस्तान के साथ करीबी संबंध रहे हैं, उनकी मौजूदगी के बीच घोषणापत्र में पहलगाम हमले का उल्लेख महत्वपूर्ण है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा- पहलगाम का नाम लिया जाना ही बड़ी बात

उमर अब्दुल्ला ने कहा, "यह भारत सरकार और विशेष रूप से विदेश मंत्रालय के लिए बात करने का विषय है। पहलगाम हमले की निंदा होना ही अपने आप में एक बड़ी बात है। जरा देखिए कि उस कमरे में पाकिस्तान के कितने सहयोगी मौजूद थे। इसलिए, पहलगाम का नाम लिया जाना ही हमारी विदेश नीति की सफलता है।"

उनकी इस टिप्पणी को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस लंबे समय से केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाती रही है। ऐसे में INDIA गठबंधन के एक प्रमुख सहयोगी दल के नेता की ओर से केंद्र की कूटनीतिक पहल की प्रशंसा किए जाने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

पाकिस्तान और चीन के साथ तनाव कम करने के प्रयासों का भी समर्थन

उमर अब्दुल्ला ने केवल BRICS घोषणापत्र तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के साथ भारत की सीमाओं पर तनाव कम करने के उद्देश्य से उठाए जा रहे कदमों का भी स्वागत किया।

उनका कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सीमा पर तनाव कम होना सकारात्मक स्थिति होगी। उन्होंने नियंत्रण रेखा और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों की तैनाती कम करने से जुड़े किसी भी कदम को सकारात्मक बताया।

LoC और LAC को लेकर उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

उत्तरी सीमा पर परिचालन स्थिति को लेकर रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) या लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर सैनिकों की तैनाती कम करने का कोई भी कदम सकारात्मक विकास होगा।

उन्होंने कहा, “लाइन ऑफ़ कंट्रोल या लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव कम करने वाला कोई भी कदम अच्छा है, खासकर उन लोगों के लिए जो इसके करीब रहते हैं। हम जानते हैं कि LoC या LAC के पास रहना लोगों के लिए बेहद मुश्किल है। अगर लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनाती कम करने का कोई कदम उठाया जाता है, तो यह एक अच्छा कदम है। इसी तरह, हमें उम्मीद है कि समय के साथ लाइन ऑफ़ कंट्रोल पर भी हालात बेहतर होंगे।”

कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख में अंतर फिर सामने आया

उमर अब्दुल्ला की ताजा टिप्पणी ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच कई मुद्दों पर सामने आ चुके मतभेदों को फिर चर्चा में ला दिया है। कांग्रेस केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति और कूटनीतिक फैसलों की आलोचना करती रही है। इसके विपरीत उमर अब्दुल्ला ने BRICS में पहलगाम हमले के उल्लेख को भारत की विदेश नीति की सफलता बताया है।

इससे पहले भी दोनों सहयोगी दलों के बीच कुछ मुद्दों पर अलग-अलग रुख सामने आ चुका है। हाल ही में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को पूरा बजाने को लेकर भी दोनों दलों के बीच मतभेद की स्थिति बनी थी। ऐसे में विदेश नीति के मुद्दे पर उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ने INDIA गठबंधन के भीतर राजनीतिक मतभेदों की चर्चा को फिर हवा दे दी है।

पहले भी मोदी सरकार के कुछ फैसलों की तारीफ कर चुके हैं उमर

यह पहली बार नहीं है जब उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्र सरकार की किसी नीति की सकारात्मक टिप्पणी की हो। इससे पहले भी वह अलग-अलग मौकों पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र की योजनाओं की प्रशंसा कर चुके हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर में विकास से जुड़े मुद्दों पर।

हालांकि, ताजा बयान की खासियत यह है कि इसमें उन्होंने सीधे तौर पर भारत की विदेश नीति और BRICS शिखर सम्मेलन से जुड़े घटनाक्रम की प्रशंसा की है। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का BRICS घोषणापत्र में उल्लेख होने को विशेष रूप से भारत की कूटनीतिक सफलता से जोड़ा।

INDIA गठबंधन में अलग-अलग राजनीतिक रुख की चर्चा

उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर विपक्षी दलों के बीच लगातार बहस होती रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल कई मुद्दों पर एक साथ सरकार को घेरते हैं, लेकिन कुछ मामलों में सहयोगी दलों के नेताओं की राय अलग भी सामने आती रही है।

उमर अब्दुल्ला के बयान से यह स्पष्ट है कि विदेश नीति के इस विशेष मुद्दे पर उनका आकलन कांग्रेस के आलोचनात्मक रुख से अलग है। उन्होंने BRICS घोषणापत्र और सीमा पर तनाव कम करने की संभावनाओं को सकारात्मक नजरिए से देखा है।