ere | Source: ererनई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर किए जाने का फैसला चर्चा में आ गया है। टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूर्यवंशी को बाहर किए जाने से उनकी पत्नी तक हैरान हो गई थीं। उनकी जगह संजू सैमसन को टीम में शामिल किया गया, लेकिन वह मैच में केवल 10 रन ही बना सके।

‘मेरी पत्नी चिल्लाने लगी थी कि सूर्यवंशी क्यों नहीं खेल रहा’

श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस फैसले का जिक्र करते हुए बताया कि मैच के दौरान उनकी पत्नी सूर्यवंशी के नहीं खेलने पर नाराज हो गई थीं। उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबले में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे खिलाड़ी को अचानक बाहर किए जाने पर उनकी पत्नी ने भी सवाल उठाया। श्रीकांत के मुताबिक, यह फैसला खिलाड़ियों के लिए भी भ्रम पैदा कर सकता है।

श्रीकांत बोले- खिलाड़ी के मन में पैदा हो सकता है डर

पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को शानदार प्रदर्शन के बाद बाहर किया जाता है और फिर अगले मुकाबले में मौका दिया जाता है, तो उसके मन में यह डर बना रह सकता है कि असफल होने पर उसे दोबारा टीम से बाहर कर दिया जाएगा। उनके अनुसार, लगातार बदलते फैसलों से खिलाड़ी के आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।

‘सूर्यवंशी को लगातार मौके देकर आगे बढ़ाना चाहिए’

श्रीकांत ने सूर्यवंशी के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज ने दलीप ट्रॉफी, टी20 अंतरराष्ट्रीय, इंडिया ए और आईपीएल जैसे अलग-अलग स्तरों पर रन बनाए हैं। उनका मानना है कि ऐसे खिलाड़ी को पर्याप्त मौके देकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए, न कि कुछ मुकाबलों के आधार पर उसके साथ प्रयोग किया जाना चाहिए।

संजू सैमसन के लिए भी जताई सहानुभूति

श्रीकांत ने टीम प्रबंधन की रणनीति पर सवाल उठाते हुए संजू सैमसन का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सैमसन को भी लगातार खेलने के अवसर नहीं मिल रहे हैं। कभी उन्हें मौका दिया जाता है और कभी बाहर कर दिया जाता है। श्रीकांत के मुताबिक, इस तरह का लगातार बदलाव किसी भी खिलाड़ी के लिए फायदेमंद नहीं है।

‘दोनों खिलाड़ियों को बारी-बारी से खिलाना सही रणनीति नहीं’

श्रीकांत ने कहा कि टीम प्रबंधन फिलहाल सूर्यवंशी और सैमसन को बारी-बारी से मौके देता दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, दोनों खिलाड़ियों को एक-दो मैच देकर फिर बाहर करने के बजाय टीम को स्पष्ट रणनीति बनानी चाहिए। किसी एक खिलाड़ी को लगातार मौके देने या उसकी भूमिका पहले से तय करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

अब दूसरे टी20 में किसे मिलेगा मौका?

पहले टी20 में संजू सैमसन के सिर्फ 10 रन बनाने के बाद अब निगाहें अगले मुकाबले की प्लेइंग-11 पर टिक गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम प्रबंधन सैमसन को एक और अवसर देगा या वैभव सूर्यवंशी की टीम में वापसी होगी। श्रीकांत की टिप्पणी के बाद यह फैसला और भी चर्चा में आ गया है।