erer | Source: ereजयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने सबसे ज्यादा वार्डों में जीत दर्ज करते हुए बढ़त बनाई है। कांग्रेस समेत अन्य दलों को पीछे छोड़ते हुए भाजपा ने कई निकायों में अपना दबदबा कायम किया, लेकिन चुनाव परिणामों के कुछ आंकड़े ऐसे रहे, जिन्होंने सियासी चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भाजपा के बजाय निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा, जबकि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के क्षेत्र बारां में आम आदमी पार्टी ने पहली बार नगर परिषद पर कब्जा जमा लिया।

भाजपा की जीत के बीच दो नतीजों ने खींचा ध्यान

भाजपा की जीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इन्हीं दो परिणामों को लेकर पार्टी पर तंज कसा है। सीजेपी के सह संयोजक और राजस्थान निवासी आशुतोष रांका ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्रों के चुनावी प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को नजरअंदाज किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

भरतपुर में निर्दलीयों ने पलट दिया पूरा समीकरण

भरतपुर नगर निगम में कुल 65 वार्ड हैं। चुनाव परिणामों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए 36 वार्डों में जीत दर्ज की। भाजपा को 20 वार्डों में सफलता मिली, जबकि कांग्रेस महज 7 सीटों पर सिमट गई। इसके अलावा तीन सीटें अन्य उम्मीदवारों के खाते में गईं। इस तरह मुख्यमंत्री के गृह जिले में निर्दलीयों का प्रदर्शन चुनाव परिणाम की सबसे बड़ी खासियत बनकर सामने आया।

बारां में पहली बार आप की एंट्री ने चौंकाया

बारां नगर परिषद में भी चुनाव परिणामों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। आम आदमी पार्टी ने पहली बार यहां नगर परिषद पर कब्जा जमाते हुए 60 में से 31 वार्डों में जीत हासिल की और स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। पिछले 15 वर्षों से मजबूत स्थिति में रही कांग्रेस को इस बार 18 वार्डों में जीत मिली, जबकि भाजपा सिर्फ 9 सीटों पर सिमटकर तीसरे स्थान पर रही।

सीजेपी ने बताया युवाओं के असर का संकेत

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से राजस्थान में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन के बाद संगठन ने राजस्थान में भी ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को सक्रिय किया है। इसी दौरान एक स्कूल का निरीक्षण करने जा रही सीजेपी की टीम पर हमले की घटना भी सामने आई थी।

‘युवा अपना असर दिखा रहे हैं’

सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने आशुतोष रांका की टिप्पणी साझा करते हुए इन चुनाव परिणामों को युवाओं के प्रभाव से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि युवा अब अपना असर दिखा रहे हैं। वहीं रांका ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्रों के परिणामों को लेकर शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

भाजपा की जीत, लेकिन इन नतीजों ने बढ़ाई चुनौती

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा का कुल प्रदर्शन भले ही मजबूत रहा हो, लेकिन भरतपुर में निर्दलीयों की बढ़त और बारां में आम आदमी पार्टी की अप्रत्याशित जीत ने पार्टी के लिए कुछ सवाल जरूर खड़े किए हैं। यही वजह है कि भाजपा की बड़ी चुनावी जीत के बीच इन दो क्षेत्रों के नतीजे राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गए हैं।