ओडिशा विधानसभा की पहली मुस्लिम महिला विधायक सोफिया फिरदौस को बड़ी राहत मिली है। राज्यसभा चुनाव में कथित क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन अब विधानसभा स्पीकर ने उनके खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका को खारिज कर दिया है। इसी के साथ सोफिया फिरदौस समेत 11 विधायकों की विधायकी बच गई है। राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग को लेकर उन पर गद्दारी के आरोप लगे थे और कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित भी कर दिया था।

Source : India.com
सोफिया समेत 11 विधायकों को मिली राहत
यह मामला 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है, जिसमें कांग्रेस और बीजेडी के कुल 11 विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे। इसके बाद उनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर की गई थीं। विधानसभा स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने सोमवार को बीजेडी के आठ और कांग्रेस के तीन विधायकों के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। स्पीकर ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाओं में उचित सत्यापन और पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव था।
बीजेडी के जिन विधायकों को राहत मिली है उनमें चक्रमणि कन्हार, नबा किशोर मल्लिक, सौविक बिस्वाल, सुबासिनी जेना, रमाकांत भोई और देवी रंजन त्रिपाठी शामिल हैं। वहीं अरविंद महापात्रा और सनातन महाकुड को पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया जा चुका था।
कांग्रेस की याचिका भी हुई खारिज
कांग्रेस ने अपनी विधायक सोफिया फिरदौस के अलावा रमेश चंद्र जेना और दशरथी गमांगो की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी। पार्टी का आरोप था कि इन नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान किया था। हालांकि विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि याचिकाएं अस्पष्ट, अधूरी और पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव वाली थीं, इसलिए उन्हें खारिज कर दिया गया। सोफिया फिरदौस ओडिशा विधानसभा के लिए चुनी जाने वाली ओडिया मुस्लिम समुदाय की पहली महिला विधायक हैं। चुनाव जीतने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं, जबकि क्रॉस वोटिंग विवाद के बाद उन्हें सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
पढ़ी-लिखी और सफल बिजनेसवुमन हैं सोफिया
सोफिया फिरदौस कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम की बेटी हैं। वर्ष 2024 में उनके पिता को एक कानूनी मामले में अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारा था। उन्होंने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके अलावा वर्ष 2022 में उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान बैंगलोर (IIM-B) से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया।
राजनीति में आने से पहले वह एक सफल बिजनेसवुमन के रूप में पहचान बना चुकी थीं। वह क्रेडाई के भुवनेश्वर चैप्टर की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
