
बांकीपुर उपचुनाव पर बोलते प्रशांत किशोर।Source : Chrome
बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान के साथ ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा ने चुनाव आयोग से फर्जी मतदान की आशंका जताते हुए शिकायत की है, जबकि जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने अपने नेताओं को हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मतदान के साथ बढ़ी चुनावी हलचल
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह मतदान शुरू होते ही सियासी हलचल तेज हो गई। इस सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर और भाजपा के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, जिसके चलते पूरे राज्य की नजर इस चुनाव पर टिकी हुई है।
भाजपा ने फर्जी मतदान की आशंका जताई
मतदान के दौरान भाजपा ने चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भेजकर फर्जी मतदान की आशंका जताई। पार्टी के प्रदेश महासचिव नितिन अभिषेक ने रिटर्निंग ऑफिसर को दिए पत्र में मांग की कि प्रत्येक मतदाता की पहचान ईपीआईसी (EPIC) कार्ड और मतदाता सूची से सख्ती से मिलाई जाए, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता रोकी जा सके। भाजपा का आरोप है कि कुछ लोग फर्जी तरीके से मतदान कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।
जन सुराज ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दूसरी ओर जन सुराज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि मतदान से पहले उसके 16 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना उचित कारण हिरासत में लिया गया। इसी मामले को लेकर प्रशांत किशोर देर रात तक अलग-अलग थानों का दौरा करते रहे। जक्कनपुर थाने में उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस भी हुई।
हिरासत में लिए नेताओं को लेकर क्या बोले प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर ने कहा कि हिरासत में लिए गए नेताओं को पहले विभिन्न थानों में रखा गया और बाद में दूसरी जगह भेज दिया गया, जिसकी जानकारी पार्टी को नहीं दी गई। उनके मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद पता चला कि कुछ नेताओं को दानापुर ले जाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय सत्ताधारी दल के दबाव में कार्रवाई कर रही है।
'10 नेता पटना के निवासी हैं'
जन सुराज प्रमुख ने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए 16 लोगों में से 10 पटना के निवासी हैं, इसलिए उन्हें बाहरी बताना गलत है। उनका कहना था कि यदि किसी ने कानून तोड़ा है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, लेकिन केवल चुनावी गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए लोगों को उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने भाजपा पर चुनाव में प्रशासन के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि पहले भाजपा ने अपने सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से प्रचार कराया, फिर सहयोगी दलों को मैदान में उतारा। इसके बाद कथित तौर पर नीतीश कुमार का वीडियो जारी किया गया, लेकिन जब उससे भी असर नहीं हुआ तो पुलिस का इस्तेमाल कर जन सुराज के नेताओं को निशाना बनाया गया।
मतदान के बीच तनाव का माहौल
इधर मतदान के दौरान किदवईपुरी इलाके में जन सुराज और भाजपा समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली। हालांकि प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। चुनाव आयोग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।
