बांकीपुर हार के बाद RJD में तेज हुई अंदरूनी बयानबाजी
Bankipur Bypoll Result: RJD में बढ़ा सियासी घमासान! भाई वीरेंद्र बोले- "पोल खोल दी तो मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे"Source : NDTV.com
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र और प्रवक्ता शक्ति यादव आमने-सामने आ गए हैं। भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह खामोश नहीं रहे तो उनकी पूरी पोल खोल देंगे। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
हार के बाद शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप
दरअसल, उपचुनाव में हार के बाद भाई वीरेंद्र ने पार्टी संगठन की कमजोरी और नेतृत्व के आसपास मौजूद कुछ लोगों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जिन लोगों पर पार्टी भरोसा करती है, उनका जमीन पर कोई प्रभाव नहीं है और कुछ लोग असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शक्ति यादव ने सवाल किया था कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए आखिर किया क्या है। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
भाई वीरेंद्र ने दी खुली चेतावनी
शक्ति यादव के बयान पर पलटवार करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा, "खामोश रहो। जब तुम राजनीति में पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं राजनीति कर रहा हूं। अगर तुम्हारी करतूतों को सार्वजनिक कर दूंगा तो तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। मैं राजनीति तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए करता हूं, जबकि कुछ लोग उनके नाम पर लोगों से पैसा वसूलने का काम करते हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव उनके आदरणीय नेता हैं और तेजस्वी यादव ही उनके नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग खुद को पार्टी का करीबी बताकर गलत काम कर रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि उनके पास कई ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें सार्वजनिक किया गया तो कई लोगों के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
शक्ति यादव ने क्या कहा था?
इससे पहले शक्ति यादव ने भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राजद विपक्ष की भूमिका निभा रही है और हर कार्यकर्ता को पार्टी के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि भाई वीरेंद्र ने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी नेता को भ्रम में नहीं रहना चाहिए और पार्टी में सभी का सम्मान बराबर है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई नेता अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा है तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए
