प्रशांत किशोर Source : Abp News
पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव परिणाम को राज्य की राजनीति में बदलाव का संकेत बताया। भाजपा की करीब तीन दशक पुरानी पकड़ खत्म करने के बाद उन्होंने कहा कि देशभर में हाल के दिनों में हुए Gen-Z छात्र आंदोलनों से बने माहौल का इस चुनाव पर असर पड़ा हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कम मतदान प्रतिशत के कारण यह कहना मुश्किल है कि युवाओं ने बड़ी संख्या में मतदान कर उनकी जीत सुनिश्चित की।
Gen-Z आंदोलन का असर बताया, लेकिन आंकड़ों पर जताई सावधानी
चुनाव परिणाम आने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि देशभर में युवाओं और छात्रों के आंदोलनों से जो माहौल बना, उसका असर बांकीपुर उपचुनाव पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस सीट पर 35 प्रतिशत से भी कम मतदान हुआ, इसलिए यह दावा नहीं किया जा सकता कि बड़ी संख्या में युवाओं ने मतदान कर उन्हें जिताया। उनके मुताबिक, माहौल का प्रभाव जरूर हो सकता है, लेकिन इसे साबित करने वाले ठोस आंकड़े फिलहाल मौजूद नहीं हैं।
गठबंधन से किया इनकार, सभी दलों के समर्थकों का जताया आभार
प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि जन सुराज किसी भी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा और उनका गठबंधन केवल बिहार की जनता के साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर की जनता ने पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग विकल्प पर भरोसा जताया है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उन समर्थकों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अपनी पार्टी से जुड़े होने के बावजूद इस चुनाव में उनका समर्थन किया।
बिहार सरकार और भाजपा नेतृत्व पर साधा निशाना
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर का जनादेश केवल एक सीट का परिणाम नहीं, बल्कि बिहार सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी का संदेश है। उन्होंने दावा किया कि यह परिणाम भाजपा नेतृत्व के लिए भी चेतावनी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इससे सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पद पर जातीय समीकरणों के आधार पर फैसला लिया गया है, तो उसी समाज से साफ छवि वाले व्यक्ति को नेतृत्व दिया जाना चाहिए। वहीं, इंडिया गठबंधन के नेताओं ने भी इस नतीजे को सत्ता विरोधी माहौल का संकेत बताया। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने इस उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19 हजार से अधिक वोटों से हराकर 1995 से भाजपा के कब्जे वाली बांकीपुर सीट पर जीत दर्ज की।
