NEET परीक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा सामने आया है। मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने साइबर टीम की मदद से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो NEET के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को फर्जी प्रश्नपत्र बेचकर ठगी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक का दावा करता था और परीक्षा से पहले कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने ChatGPT की मदद से फर्जी प्रश्नपत्र तैयार किए थे, जिन्हें वह असली पेपर बताकर बेच रहा था।


ChatGPT से तैयार किए फर्जी प्रश्नपत्र

क्राइम ब्रांच की जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से कई फर्जी प्रश्नपत्र बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इन प्रश्नपत्रों को ChatGPT और अन्य डिजिटल माध्यमों की मदद से तैयार किया गया था। आरोपी इन पेपरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाता था और उन्हें असली NEET पेपर होने का दावा करता था।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने परीक्षा से पहले कई लोगों को अपने जाल में फंसाया और उनसे बड़ी रकम वसूली।


200 से ज्यादा छात्रों से ठगी का दावा

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह अब तक 200 से अधिक छात्रों को फर्जी NEET पेपर बेच चुका है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है, जो खुद को कानून (Law) का छात्र बताता था।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और ठगी की रकम कितनी है।


परीक्षा से पहले हुई कार्रवाई

पुलिस ने NEET परीक्षा से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस मामले में कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे।


लापरवाही के कारण छात्र की छूटी परीक्षा

इसी बीच मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक अलग मामला भी सामने आया है। सेमरी गांव के रहने वाले छात्र ध्रुव गौतम ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र पर गलत जानकारी मिलने की वजह से वह समय पर सही केंद्र तक नहीं पहुंच सका।

छात्र के अनुसार, प्रवेश पत्र जांच के दौरान उसे गलत परीक्षा केंद्र भेज दिया गया। जब वह बताए गए केंद्र पर पहुंचा तो पता चला कि उसका केंद्र कहीं और है। इसके बाद जब वह वापस अपने वास्तविक केंद्र पहुंचा, तब तक प्रवेश का निर्धारित समय समाप्त हो चुका था और वह परीक्षा नहीं दे सका।

ध्रुव गौतम ने इस मामले की शिकायत प्रशासन से की है और परीक्षा केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।